हरियाणा दौरे पर आए कांग्रेस नेता एवं नेता प्रतिपक्ष लोकसभा राहुल गांधी पार्टी जिलाध्यक्षों को कई गुर सिखा गए। राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों से साफ लहजे में कहा- मुझे हरियाणा की राजनीति का सिस्टम पता है। उससे ऊपर होकर काम करना है, धरातल पर जाकर काम करना है। आपको किसी नेता की हाजिरी नहीं मारनी है। आप जो हो, वहीं काम करो। आपका काम ही संगठन को मजबूती देगा। इस दौरान राहुल गांधी ने चार मॉडल प्रस्तुत किए। जिनमें उदाहरण पेश करते हुए दिखाया कि ये एक कुर्सी पर प्रधानमंत्री बैठा है। जिसके सामने एक व्यक्ति हाथ जोड़कर जाता दिखाया, दूसरा लंबे लेटकर जाता, तीसरा घुटनों के बल जाता और चौथा बड़े नेताओं के आगे गर्दन झुकाकर आते हुए पेश किया। जिन पर जिलाध्यक्षों से पूछा-आप इनमें से आज की कांग्रेस कौन सी मानते हो। कुछ जिलाध्यक्षों ने उनमें से विकल्प चुनें तो किसी ने कुछ नहीं कहा। जिन पर राहुल गांधी ने साफ कहा- ये कांग्रेस नहीं है। मैं आज की कांग्रेस, उसको देखता हूं, जो सर्कल में बाजू में बाजू डालकर या हाथ पकड़कर एकजुटता दिखती हो। झुकना नहीं है, मजबूती चाहिए। कुछ जिलाध्यक्षों ने नेताओं को लेकर सवाल-जवाब किए और कुछ नेताओं द्वारा खींचतान पर चर्चा हुई। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वीरवार शाम को सभी जिलाध्यक्ष अपने गंतव्य वापस रवाना हुए। जिलाध्यक्ष ही बनाएंगे जिले की कमेटियां राहुल गांधी ने यह भी कहा कि, जिलों की कमेटियां बन रही है तो बूथ लेवल पर जाकर ब्लॉक कमेटी या जिला कमेटी जिलाध्यक्ष की तरफ से ही बनेगी। जिलाध्यक्ष ही लिस्ट बनाकर प्रदेश अध्यक्ष को भेजेंगे, जिसके बाद लिस्ट फाइनल होगी। उन्होंने कहा कि, संगठन को मजबूत करना है। इससे नेता और पार्टी पदाधिकारियों में खींचतान या गुटबाजी है, वो दूर होने की संभावना है। कुछ नेता भी पदाधिकारियों को तवज्जों नहीं देते, वे ऐसा नहीं कर सकेंगे। जिलाध्यक्षों से राहुल गांधी बोले- नेताओं की हाजिरी मत मारो राहुल गांधी ने ये भी कहा कि, किसी नेता की हाजिरी मत मारो। किसी नेता के पास जाने की जरूरत नहीं है। कोई आपके पास आकर कहता हो कि टिकट दिला दूंगा और फिर कोई नेता आपकी सिफारिश लेकर मेरे पास आएगा तो वह मैं बिल्कुल स्वीकार नहीं करूंगा। आप संगठन को मजबूत धरातल पर काम करे और उसी काम की बदौलत आपको समय आने पर मौका दिया जाएगा। राहुल गांधी ट्रेनिंग में जिलाध्यक्षों से बोले, मैं भविष्य में आप लोगों में से ही विधायक या प्रदेश अध्यक्ष देखना चाहता हूं। धरातल पर जितनी नींव मजबूत होगी, उतने ही लोग पार्टी से जुड़ेंगे। विधायकों को छोड़ जिलाध्यक्षों के साथ खाया खाना पहले राहुल गांधी का जिलाध्यक्षों के साथ खाना रखा गया था। बाद में तय हुआ कि विधायकों के साथ खाना होगा। उस दौरान दो विधायक थे। इस पर हिसार ग्रामीण व सिरसा जिलाध्यक्ष ने राहुल गांधी के समक्ष ये विषय रखा। इस पर वह उनके बजाय जिलाध्यक्षों के साथ खुद थाली लेकर खाने के लिए बैठे। ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत कुरुक्षेत्र में यह ट्रेनिंग कैंप लगाया गया, जिसमें हरियाणा के 32 जिलाध्यक्ष और उत्तराखंड के 28 जिलाध्यक्ष मौजूद रहे। इनके अलावा नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद, कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद रहे। संगठन मजबूत बनाने पर प्वाइंट टू प्वाइंट पर चर्चा हुई : जिलाध्यक्ष सिरसा से कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बैनीवाल का कहना है कि संगठन को मजबूत करने के लिए प्वाइंट टू प्वाइंट चर्चा हुई और धरातल पर काम करने को कहा गया है। जो जिलाध्यक्ष जितनी ज्यादा मेहनत करेगा, उसको उसकी मेहनत का फल अवश्य मिलेगा। जिलाध्यक्ष ही जिला कमेटी के लिए लिस्ट तैयार कर प्रदेश अध्यक्ष को भेजेंगे। हरियाणा दौरे पर आए कांग्रेस नेता एवं नेता प्रतिपक्ष लोकसभा राहुल गांधी पार्टी जिलाध्यक्षों को कई गुर सिखा गए। राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों से साफ लहजे में कहा- मुझे हरियाणा की राजनीति का सिस्टम पता है। उससे ऊपर होकर काम करना है, धरातल पर जाकर काम करना है। आपको किसी नेता की हाजिरी नहीं मारनी है। आप जो हो, वहीं काम करो। आपका काम ही संगठन को मजबूती देगा। इस दौरान राहुल गांधी ने चार मॉडल प्रस्तुत किए। जिनमें उदाहरण पेश करते हुए दिखाया कि ये एक कुर्सी पर प्रधानमंत्री बैठा है। जिसके सामने एक व्यक्ति हाथ जोड़कर जाता दिखाया, दूसरा लंबे लेटकर जाता, तीसरा घुटनों के बल जाता और चौथा बड़े नेताओं के आगे गर्दन झुकाकर आते हुए पेश किया। जिन पर जिलाध्यक्षों से पूछा-आप इनमें से आज की कांग्रेस कौन सी मानते हो। कुछ जिलाध्यक्षों ने उनमें से विकल्प चुनें तो किसी ने कुछ नहीं कहा। जिन पर राहुल गांधी ने साफ कहा- ये कांग्रेस नहीं है। मैं आज की कांग्रेस, उसको देखता हूं, जो सर्कल में बाजू में बाजू डालकर या हाथ पकड़कर एकजुटता दिखती हो। झुकना नहीं है, मजबूती चाहिए। कुछ जिलाध्यक्षों ने नेताओं को लेकर सवाल-जवाब किए और कुछ नेताओं द्वारा खींचतान पर चर्चा हुई। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वीरवार शाम को सभी जिलाध्यक्ष अपने गंतव्य वापस रवाना हुए। जिलाध्यक्ष ही बनाएंगे जिले की कमेटियां राहुल गांधी ने यह भी कहा कि, जिलों की कमेटियां बन रही है तो बूथ लेवल पर जाकर ब्लॉक कमेटी या जिला कमेटी जिलाध्यक्ष की तरफ से ही बनेगी। जिलाध्यक्ष ही लिस्ट बनाकर प्रदेश अध्यक्ष को भेजेंगे, जिसके बाद लिस्ट फाइनल होगी। उन्होंने कहा कि, संगठन को मजबूत करना है। इससे नेता और पार्टी पदाधिकारियों में खींचतान या गुटबाजी है, वो दूर होने की संभावना है। कुछ नेता भी पदाधिकारियों को तवज्जों नहीं देते, वे ऐसा नहीं कर सकेंगे। जिलाध्यक्षों से राहुल गांधी बोले- नेताओं की हाजिरी मत मारो राहुल गांधी ने ये भी कहा कि, किसी नेता की हाजिरी मत मारो। किसी नेता के पास जाने की जरूरत नहीं है। कोई आपके पास आकर कहता हो कि टिकट दिला दूंगा और फिर कोई नेता आपकी सिफारिश लेकर मेरे पास आएगा तो वह मैं बिल्कुल स्वीकार नहीं करूंगा। आप संगठन को मजबूत धरातल पर काम करे और उसी काम की बदौलत आपको समय आने पर मौका दिया जाएगा। राहुल गांधी ट्रेनिंग में जिलाध्यक्षों से बोले, मैं भविष्य में आप लोगों में से ही विधायक या प्रदेश अध्यक्ष देखना चाहता हूं। धरातल पर जितनी नींव मजबूत होगी, उतने ही लोग पार्टी से जुड़ेंगे। विधायकों को छोड़ जिलाध्यक्षों के साथ खाया खाना पहले राहुल गांधी का जिलाध्यक्षों के साथ खाना रखा गया था। बाद में तय हुआ कि विधायकों के साथ खाना होगा। उस दौरान दो विधायक थे। इस पर हिसार ग्रामीण व सिरसा जिलाध्यक्ष ने राहुल गांधी के समक्ष ये विषय रखा। इस पर वह उनके बजाय जिलाध्यक्षों के साथ खुद थाली लेकर खाने के लिए बैठे। ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत कुरुक्षेत्र में यह ट्रेनिंग कैंप लगाया गया, जिसमें हरियाणा के 32 जिलाध्यक्ष और उत्तराखंड के 28 जिलाध्यक्ष मौजूद रहे। इनके अलावा नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद, कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद रहे। संगठन मजबूत बनाने पर प्वाइंट टू प्वाइंट पर चर्चा हुई : जिलाध्यक्ष सिरसा से कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बैनीवाल का कहना है कि संगठन को मजबूत करने के लिए प्वाइंट टू प्वाइंट चर्चा हुई और धरातल पर काम करने को कहा गया है। जो जिलाध्यक्ष जितनी ज्यादा मेहनत करेगा, उसको उसकी मेहनत का फल अवश्य मिलेगा। जिलाध्यक्ष ही जिला कमेटी के लिए लिस्ट तैयार कर प्रदेश अध्यक्ष को भेजेंगे।


