सुरक्षा की दृष्टि से और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से शनिवार को कृषि उपज मंडी में आने वाली 0000 ट्रॉलियों पर रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए गए। मंडी प्रशासन और यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से जागरूकता के लिए इस पहल के साथ कदम उठाया। कुछ दिनों पहले कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली थी। इसमें उन्होंने इस संबंध में निर्देश दिए थे। अक्सर ट्रॉली के पीछे लाइट नहीं लगी होने के कारण वाहन चालकों को आगे जा रही ट्रॉली का पता नहीं चलता और दुर्घटना हो जाती है। लिहाजा रेडियम रिफ्लेक्टर लगे होने से इस प्रकार की दुर्घटनाएं नहीं होगी। अधिकारियों ने रिफ्लेक्टर लगाने के साथ ही किसानों को ट्रैक्टर, ट्रॉली सड़क के किनारे खड़ी करने के सुरक्षात्मक उपाय भी बताए। यह भी भरोसा दिलाया कि रेडियम रिफ्लेक्टर लगाने की यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। इस दौरान मंडी सचिव राजेश गोयल, उप पुलिस अधीक्षक यातायात विक्रम सिंह, जितेंद्र अग्रवाल, हजारीलाल मालवीय आदि ने सुरक्षा की दृष्टि से किसानों से रेडियम रिफ्लेक्टर लगवाने का आग्रह किया है। 3 साल में 7 दुर्घटनाओं में 6 लोगों की हुई मौत कृषि मंडी चिमनगंज थाना क्षेत्र में आती है। थाने का रिकॉर्ड बताता है कि तीन साल में इस थाना क्षेत्र में सर्वाधिक 7 दुर्घटनाओं में 6 लोगों की मौत हुई हैं। इनमें से कुछ ट्रैक्टर ट्रॉलियों से जुड़े हादसे भी थे। अधिकांश हादसे आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के समीप हुए हैं। ये हादसे 2022 से 2024 के बीच के हैं। पुलिस का मानना है कि मार्ग पर स्ट्रीट लाइट के बंद रहने की स्थिति में जब वाहन अंधेरे में आवागमन करते हैं और वाहनों की लाइट भी बंद रहती है तो दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा सड़क किनारे खड़े वाहन में चमकीले व लाइट संकेतक नहीं होने से भी हादसे होते हैं। रेडियम रिफ्लेक्टर से हादसों में कमी आती है।


