दरभंगा के DMCH में 143 दिनों से ख्तम टी-रेबीज सीरम:7 दिन में डॉग बाइट के 190 मरीज पहुंचे अस्पताल, आवारा कुत्तों के आतंक से लोग परेशान

दरभंगा के DMCH में 143 दिनों से ख्तम टी-रेबीज सीरम:7 दिन में डॉग बाइट के 190 मरीज पहुंचे अस्पताल, आवारा कुत्तों के आतंक से लोग परेशान

दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल(DMCH) में पिछले 143 दिनों से एंटी-रेबीज सीरम की कमी बनी हुई है। यहां पिछले 7 दिनों में रैबीज के करीब 190 मरीज पहुंचे। लेकिन दवा उपलब्ध ने होने की वजह से उन्हें बाहर से एंटी-रेबीज सीरम खरीदना पड़ रहा है। वहीं DMCH के अधीक्षक का कहना है कि ह्यूमन इम्यूनोग्लोबिन उपलब्ध कराने के लिए टेंडर प्रकाशित किया गया है। एक हफ्ते में बढ़ी मरीजों की संख्या नाम न बताने के शर्त पर एक स्टाफ ने बताया कि पिछले सात दिनों में आवारा कुत्तों के काटने से घायल हुए करीब 190 मरीज इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) के पीएसएम विभाग पहुंचे। अस्पताल में ह्यूमन इम्यूनोग्लोबिन (एंटी-रेबीज सीरम) उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिस वजह से लोगों को बाहर से सीरम खरीदना पड़ रहा है। DMCH में 1 सितंबर को खत्म हुई दवा DMCH में एंटी-रेबीज सीरम की कमी 143 दिनों से बनी हुई है। पीएसएम विभाग में यह सीरम पिछले साल 1 सितंबर को ही समाप्त है। गंभीर घाव वाले मरीजों को सीरम लेने की सलाह दी जाती है। केवल दरभंगा जिले से ही नहीं, बल्कि समस्तीपुर और मधुबनी जैसे पड़ोसी जिलों से भी मरीज सीरम की आवश्यकता होने पर यहां रेफर किए जाते हैं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगती है। मरीज और परिजनों ने क्या कहा? पिछले एक सप्ताह में इलाज के लिए पहुंचे बाबू लाल, श्रवण कुमार, अभिमन्यु कुमार, अंकित कुमार और स्नेहा जैसे कई मरीजों ने बताया कि उन्हें DMCH से एंटी-रेबीज वैक्सीन और टैटवैक तो मिल गया, लेकिन सीरम बाजार से खरीदना पड़ा। इसके लिए उन्हें 800 से 1000 रुपए तक खर्च करने पड़े। मरीजों ने आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और सीरम की अनुपलब्धता के कारण समुचित इलाज न मिल पाने पर चिंता व्यक्त की। बीएमएसआईसीएल सरीम उपलब्द कराता था पहले एंटी-रेबीज सीरम की आपूर्ति बीएमएसआईसीएल (बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) द्वारा की जाती थी। लंबे समय से आपूर्ति बंद होने के बाद, अस्पताल प्रशासन को सीरम खरीदने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, आदेश मिलने के कई दिन बाद भी सीरम उपलब्ध नहीं हो पाया है, जिससे मरीजों में अफरा-तफरी का माहौल है। अधीक्षक ने क्या कहा ? DMCH के अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा ने इस संबंध में बताया कि ह्यूमन इम्यूनोग्लोबिन उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित पोर्टल पर टेंडर प्रकाशित किया गया है। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को टेंडर खुलेगा और 30 जनवरी को दर के अनुसार आपूर्तिकर्ता का चयन कर लिया जाएगा। डॉ. चंद्रा ने आश्वासन दिया कि सीरम बहुत जल्द उपलब्ध करा दिया जाएगा। दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल(DMCH) में पिछले 143 दिनों से एंटी-रेबीज सीरम की कमी बनी हुई है। यहां पिछले 7 दिनों में रैबीज के करीब 190 मरीज पहुंचे। लेकिन दवा उपलब्ध ने होने की वजह से उन्हें बाहर से एंटी-रेबीज सीरम खरीदना पड़ रहा है। वहीं DMCH के अधीक्षक का कहना है कि ह्यूमन इम्यूनोग्लोबिन उपलब्ध कराने के लिए टेंडर प्रकाशित किया गया है। एक हफ्ते में बढ़ी मरीजों की संख्या नाम न बताने के शर्त पर एक स्टाफ ने बताया कि पिछले सात दिनों में आवारा कुत्तों के काटने से घायल हुए करीब 190 मरीज इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) के पीएसएम विभाग पहुंचे। अस्पताल में ह्यूमन इम्यूनोग्लोबिन (एंटी-रेबीज सीरम) उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिस वजह से लोगों को बाहर से सीरम खरीदना पड़ रहा है। DMCH में 1 सितंबर को खत्म हुई दवा DMCH में एंटी-रेबीज सीरम की कमी 143 दिनों से बनी हुई है। पीएसएम विभाग में यह सीरम पिछले साल 1 सितंबर को ही समाप्त है। गंभीर घाव वाले मरीजों को सीरम लेने की सलाह दी जाती है। केवल दरभंगा जिले से ही नहीं, बल्कि समस्तीपुर और मधुबनी जैसे पड़ोसी जिलों से भी मरीज सीरम की आवश्यकता होने पर यहां रेफर किए जाते हैं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगती है। मरीज और परिजनों ने क्या कहा? पिछले एक सप्ताह में इलाज के लिए पहुंचे बाबू लाल, श्रवण कुमार, अभिमन्यु कुमार, अंकित कुमार और स्नेहा जैसे कई मरीजों ने बताया कि उन्हें DMCH से एंटी-रेबीज वैक्सीन और टैटवैक तो मिल गया, लेकिन सीरम बाजार से खरीदना पड़ा। इसके लिए उन्हें 800 से 1000 रुपए तक खर्च करने पड़े। मरीजों ने आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और सीरम की अनुपलब्धता के कारण समुचित इलाज न मिल पाने पर चिंता व्यक्त की। बीएमएसआईसीएल सरीम उपलब्द कराता था पहले एंटी-रेबीज सीरम की आपूर्ति बीएमएसआईसीएल (बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) द्वारा की जाती थी। लंबे समय से आपूर्ति बंद होने के बाद, अस्पताल प्रशासन को सीरम खरीदने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, आदेश मिलने के कई दिन बाद भी सीरम उपलब्ध नहीं हो पाया है, जिससे मरीजों में अफरा-तफरी का माहौल है। अधीक्षक ने क्या कहा ? DMCH के अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा ने इस संबंध में बताया कि ह्यूमन इम्यूनोग्लोबिन उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित पोर्टल पर टेंडर प्रकाशित किया गया है। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को टेंडर खुलेगा और 30 जनवरी को दर के अनुसार आपूर्तिकर्ता का चयन कर लिया जाएगा। डॉ. चंद्रा ने आश्वासन दिया कि सीरम बहुत जल्द उपलब्ध करा दिया जाएगा।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *