रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ का टीजर सामने आने के बाद से ही इसके हर पहलू पर बहस शुरू हो गई है। इस बीच, टीवी की पौराणिक शृंखलाओं पर काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर्स ने फिल्म में भगवान राम के लुक पर अपनी राय दी है और इसे एक चूक गया अवसर बताया है। Variety India की रिपोर्ट के मुताबिक, टीवी के सुपरहिट शो ‘श्रीमद् रामायण’ और ‘राधाकृष्ण’ पर काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर शिबप्रिया सेन ने कहा कि फिल्म का पहला टीजर उम्मीद के मुताबिक विस्मयकारी नहीं लगा। उनके अनुसार, टीवी पर राम और अन्य पात्रों के परिधानों की प्रेरणा भारतीय संस्कृति, मंदिरों और मूर्तियों से ली जाती थी। जैसे राम के मुकुट में सूर्य रथ का चक्र और पीला रंग, सीता के लिए मधुबनी छाप, और हनुमान के लिए अजंता, एलोरा और हम्पी की मूर्तियां। सेन के अनुसार, राम भारत की आस्था का केंद्र हैं, इसलिए परिधानों में प्रयोग करते समय उनके दिव्य स्वरूप का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि टीवी में सीमित बजट और समय के बावजूद उनके डिजाइन बहुत समृद्ध और जीवंत थे। दूसरी ओर, ‘हातिम’, ‘सिया के राम’ और ‘देवों के देव…महादेव’ जैसी पौराणिक शृंखलाओं में काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर नीरूषा निकहत ने कहा कि फिल्म में सौंदर्य और नवाचार की कमी है। उनका मानना है कि निर्माता नामित मल्होत्रा अधिक प्रयोगात्मक और यादगार डिजाइन ला सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट में अनुभवहीन लोगों को शामिल किया गया, जबकि ऐसी परियोजना में अनुभवी डिजाइनर्स की जरूरत थी। डिजाइनर्स का कहना है कि बड़े बजट और तकनीकी स्वतंत्रता के बावजूद फिल्म में परिधानों और आभूषणों में और अधिक सांस्कृतिक और रचनात्मक गहराई हो सकती थी। यह परियोजना दर्शकों के लिए एक चूक गया रचनात्मक अवसर साबित हुई। फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है, लेकिन पहले लुक से साफ है कि इसमें और अधिक प्रामाणिक और यादगार सौंदर्यबोध दिखाया जा सकता था।
‘रामायण’ में रणबीर के लुक और कॉस्ट्यूम पर उठे सवाल:डिजाइनर्स बोलीं- टीवी में सीमित बजट और समय के बावजूद डिजाइन ज्यादा समृद्ध और जीवंत था


