बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद बिहार की सियासत गरमाई हुई है। इस गंभीर घटना पर एनडीए के सहयोगी दल के नेताओं ने ही सवाल खड़ा किए है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और जीतन राम मांझी ने प्रतिक्रिया देते हुए न सिर्फ चिंता जताई, बल्कि शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन और अवैध कारोबार पर भी सवाल उठाए। अवैध कारोबार पर सख्ती की जरूरत- चिराग पासवान चिराग पासवान ने कहा कि जहरीली शराब से मौत की घटनाएं हमेशा से चिंता का विषय रही हैं। कुछ असामाजिक तत्व व्यक्तिगत लाभ के लिए अवैध तरीके से जहरीली शराब का निर्माण करते हैं या सीमावर्ती इलाकों से इसकी तस्करी करते हैं। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के पीछे सरकार की मंशा और सोच सही है, लेकिन इसकी आड़ में पनप रहे अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण कैसे किया जाए, इस पर गंभीर चर्चा की जरूरत है। ऐसे तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने यह भी माना कि सरकार समय-समय पर कार्रवाई करती रही है, लेकिन इस समस्या पर स्थायी “फुल स्टॉप” कैसे लगे, इस पर ठोस रणनीति बननी चाहिए। शराबबंदी के क्रियान्वयन पर उठे सवाल: जीतन राम मांझी वहीं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि शराबबंदी कानून बनाना सरकार का काम है, लेकिन उसका सही क्रियान्वयन समाज और प्रशासन-दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में हम सभी कहीं न कहीं असफल रहे हैं, जिसके कारण ऐसी दुखद घटनाएं सामने आती हैं। मांझी ने नालंदा में हुई भगदड़ पर कहा कि यह बेहद दुखद है और इसकी जांच चल रही है, जिसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। महिला बिल और नीतीश कुमार पर भी बोले मांझी मांझी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का महत्व आदिकाल से रहा है, लेकिन बीच में समाज में उनकी भूमिका को कम करके आंका गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उनकी सरकार महिलाओं को सशक्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और यह बिल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा पर मांझी ने कहा, हर राजनीतिक व्यक्ति की इच्छा होती है कि वह सभी सदनों का सदस्य बने। नीतीश कुमार को राज्यसभा नहीं जाने का मलाल था, जो अब पूरा हो गया है। बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद बिहार की सियासत गरमाई हुई है। इस गंभीर घटना पर एनडीए के सहयोगी दल के नेताओं ने ही सवाल खड़ा किए है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और जीतन राम मांझी ने प्रतिक्रिया देते हुए न सिर्फ चिंता जताई, बल्कि शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन और अवैध कारोबार पर भी सवाल उठाए। अवैध कारोबार पर सख्ती की जरूरत- चिराग पासवान चिराग पासवान ने कहा कि जहरीली शराब से मौत की घटनाएं हमेशा से चिंता का विषय रही हैं। कुछ असामाजिक तत्व व्यक्तिगत लाभ के लिए अवैध तरीके से जहरीली शराब का निर्माण करते हैं या सीमावर्ती इलाकों से इसकी तस्करी करते हैं। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के पीछे सरकार की मंशा और सोच सही है, लेकिन इसकी आड़ में पनप रहे अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण कैसे किया जाए, इस पर गंभीर चर्चा की जरूरत है। ऐसे तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने यह भी माना कि सरकार समय-समय पर कार्रवाई करती रही है, लेकिन इस समस्या पर स्थायी “फुल स्टॉप” कैसे लगे, इस पर ठोस रणनीति बननी चाहिए। शराबबंदी के क्रियान्वयन पर उठे सवाल: जीतन राम मांझी वहीं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि शराबबंदी कानून बनाना सरकार का काम है, लेकिन उसका सही क्रियान्वयन समाज और प्रशासन-दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में हम सभी कहीं न कहीं असफल रहे हैं, जिसके कारण ऐसी दुखद घटनाएं सामने आती हैं। मांझी ने नालंदा में हुई भगदड़ पर कहा कि यह बेहद दुखद है और इसकी जांच चल रही है, जिसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। महिला बिल और नीतीश कुमार पर भी बोले मांझी मांझी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का महत्व आदिकाल से रहा है, लेकिन बीच में समाज में उनकी भूमिका को कम करके आंका गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उनकी सरकार महिलाओं को सशक्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और यह बिल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा पर मांझी ने कहा, हर राजनीतिक व्यक्ति की इच्छा होती है कि वह सभी सदनों का सदस्य बने। नीतीश कुमार को राज्यसभा नहीं जाने का मलाल था, जो अब पूरा हो गया है।


