बागपत विकास भवन सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों किसानों ने भाग लेकर अपनी विभिन्न समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। किसानों ने सभी समस्याओं के समाधान की मांग की। इस पर बागपत की जिलाधिकारी (डीएम) अस्मिता लाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए और समाधान का आश्वासन दिया। किसान दिवस के दौरान भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के दिल्ली-एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा ने पूर्वी यमुना नहर की सफाई के मामले में प्रशासन से गंभीर सवाल किए। प्रदीप धामा ने आरोप लगाया कि पूर्वी यमुना नहर की सफाई का कार्य 48 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा है, लेकिन इसमें लगातार लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि इस लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। धामा के अनुसार, कई स्थानों पर नहर की पटरी टूटने से किसानों की फसलें जलमग्न हो जाती हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है, जबकि इस कार्य के लिए इतना बड़ा बजट पहली बार पास हुआ है। धामा ने जिलाधिकारी से मौके का निरीक्षण करने और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि नहर की सफाई मानकों के अनुरूप नहीं हुई, तो किसानों को बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, प्रदीप धामा ने यह भी आरोप लगाया कि किसानों के लिए आने वाली योजनाएं अधिकारियों द्वारा अपने पसंदीदा किसानों और कुछ राजनीतिक समर्थकों को दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक हकदार किसानों को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।


