पंजाब के पूर्व मंत्री एवं शिरोमणि अकाली दल (SAD) के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर पंजाब की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। मजीठिया ने कहा कि पंजाब के कार्यवाहक डीजीपी गौरव यादव और मुख्य सचिव के ए पी सिन्हा ने आम आदमी पार्टी की स्टेज पर जाकर राजनीतिक रैली को संबोधित किया, जो सेवा नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अगर वरिष्ठ अफसर ही सत्ताधारी दल की खुशामद करने लगें तो आम लोगों को इंसाफ कैसे मिलेगा। मजीठिया के मुताबिक, अफसरों का काम निष्पक्ष प्रशासन देना होता है, लेकिन इस तरह की घटनाएं पंजाब में प्रशासनिक गिरावट की सबसे बड़ी मिसाल हैं। मजीठिया ने सवाल उठाया कि क्या अपनी कुर्सी बचाने के लिए अफसर नियम कानून भूल गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों की न्याय पाने की उम्मीद कमजोर हो रही है, क्योंकि अगर अफसर किसी एक पार्टी के मंच पर खड़े नजर आएंगे तो उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने भगवंत मान सरकार और अरविंद केजरीवाल से जवाब मांगते हुए कहा कि पंजाबियों से बदलाव का जो वादा किया गया था, क्या यही उसका सच है।
मजीठिया ने कहा कि पंजाब की जनता अब मौजूदा सरकार और उसकी व्यवस्था से परेशान हो चुकी है और उन्हें सच्चाई का जवाब चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासनिक निष्पक्षता खत्म होगी तो लोकतंत्र कमजोर होगा और जनता का भरोसा टूट जाएगा।


