आगरा में निजी स्कूलों की मनमानी और लगातार मिल रही शिकायतों को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने स्कूल संचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है कि छात्रों की सुरक्षा और अभिभावकों के हितों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी के तहत प्रशासन ने 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक सभी स्कूली वाहनों का पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। साथ ही हर स्कूल वाहन पर QR कोड लगाना भी जरूरी होगा। प्रशासन के मुताबिक, इस QR कोड को स्कैन करते ही वाहन से जुड़ी पूरी जानकारी—जैसे वाहन का पंजीकरण, ड्राइवर का विवरण और अन्य जरूरी डिटेल—आसानी से सामने आ जाएंगी। इसका उद्देश्य न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ाना है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत करना भी है। डीएम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि 15 अप्रैल के बाद अगर कोई भी स्कूली वाहन बिना QR कोड के पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें चालान से लेकर वाहन जब्ती तक शामिल हो सकती है। वहीं, स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने, किताबें और ड्रेस जबरन बेचने जैसी शिकायतों पर भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इसके लिए संबंधित विभागों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ न उठाना पड़े। डीएम ने सभी स्कूल संचालकों से नियमों का पालन करने की अपील करते हुए चेताया है कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के इस कदम से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।


