पूर्णिया GMCH से 2 बच्चों की चोरी करने वाली महिला चोर का सीसीटीवी क्लिप सामने आया है। इसमें दोनों महिला चोर हॉस्पिटल कैंपस में दाखिल होती दिखाई दे रही हैं। दोनों ने पीली साड़ी पहन रखी है। शॉल से खुद को ढक रखा है। पुलिस के मुताबिक यही 2 महिला चोर बहला-फुसलाकर अस्पताल परिसर से मासूम भाई-बहन को चुरा ले गईं। 210 रुपए का लालच भी दिया। दोनों फर्जी रिश्तेदार बनकर वार्ड में घुसी और महज 10 मिनट में बच्चों को चुराकर ले गई। घटना सोमवार की शाम 6 बजे की है। जिसका सीसीटीवी क्लिप अब सामने आया है। घटना की चश्मदीद 8 साल की शिवानी कुमारी और वार्ड में एडमिट 2 अन्य मरीजों ने दोनों महिला चोर को उसकी कद काठी, साड़ी की कलर और हुलिए से पहचान लिया है। वहीं, इनकी पहचान सामने आने के बाद पुलिस इनकी तलाश में जुट गई है। दोनों बच्चों की उम्र 3 से 4 के बीच है चोरी हुए बच्चों में लक्ष्मी कुमारी (3) और शुभम कुमार (4) शामिल हैं। मां का नाम गुड़िया देवी (35) है। गुड़िया देवी को टीवी की गंभीर बीमारी के बाद 27 जनवरी को GMCH के ऑल पीओपी वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की चश्मदीद पीड़िता की बड़ी बेटी शिवानी कुमारी (8) ने बताया कि वो GMCH के ऑल पीओपी वार्ड में मां और अपने भाई-बहन के साथ मौजूद थी। इसी दौरान दो महिला रिश्तेदार बनकर आई। वो खाने का कुछ सामान भी लेकर आई थी। जिसे उसने खाने से मना कर दिया। इसके बाद बहला-फुसलाकर उसे और उसके छोटे भाई-बहनों को साथ ले जाने के लिए राजी कर लिया। महिला चोरों ने मुझे 210 रुपए देने का लालच दिया और इसी बहाने उन्हें अस्पताल परिसर से बाहर ले गईं। उसने 210 रुपए दिए और फिर जबरन भाई बहनों को ले गई। मैंने वहां शोर भी किया, मगर लोगों के न होने की वजह से वे भाग निकले।
पिता की तीन महीने पहले मौत घटना की जानकारी देते हुए बच्चों की मां गुड़िया देवी ने बताया कि जब काफी देर तक बच्चे वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। इसी दौरान बड़ी बच्ची रोती हुई पास पहुंची और बच्चों की चोरी कर जबरन ले जाने की बात बताई। काफी खोजबीन के बाद अब तक बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई। पीड़िता ने बताया कि वो पहले से ही गहरे संकट से गुजर रही हैं। पति रामजी दास को भी टीवी की बीमारी थी और करीब तीन महीने पहले उनकी मौत हो चुकी है। पति की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी बच्चों पर ही आ गई थी। अब अस्पताल से बच्चों की चोरी ने मुझे पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है।
जल्द बच्चों को बरामद कर लिया जाएगा फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी प्रभारी राजनंदनी ने बताया कि सूचना मिलते ही फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी और फिर के. हाट की पुलिस मौके पर पहुंची थी और मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि महिला चोरों से जुड़ा अहम सुराग हाथ लग जाए। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बच्चों को बरामद कर लिया जाएगा। पूर्णिया GMCH से 2 बच्चों की चोरी करने वाली महिला चोर का सीसीटीवी क्लिप सामने आया है। इसमें दोनों महिला चोर हॉस्पिटल कैंपस में दाखिल होती दिखाई दे रही हैं। दोनों ने पीली साड़ी पहन रखी है। शॉल से खुद को ढक रखा है। पुलिस के मुताबिक यही 2 महिला चोर बहला-फुसलाकर अस्पताल परिसर से मासूम भाई-बहन को चुरा ले गईं। 210 रुपए का लालच भी दिया। दोनों फर्जी रिश्तेदार बनकर वार्ड में घुसी और महज 10 मिनट में बच्चों को चुराकर ले गई। घटना सोमवार की शाम 6 बजे की है। जिसका सीसीटीवी क्लिप अब सामने आया है। घटना की चश्मदीद 8 साल की शिवानी कुमारी और वार्ड में एडमिट 2 अन्य मरीजों ने दोनों महिला चोर को उसकी कद काठी, साड़ी की कलर और हुलिए से पहचान लिया है। वहीं, इनकी पहचान सामने आने के बाद पुलिस इनकी तलाश में जुट गई है। दोनों बच्चों की उम्र 3 से 4 के बीच है चोरी हुए बच्चों में लक्ष्मी कुमारी (3) और शुभम कुमार (4) शामिल हैं। मां का नाम गुड़िया देवी (35) है। गुड़िया देवी को टीवी की गंभीर बीमारी के बाद 27 जनवरी को GMCH के ऑल पीओपी वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की चश्मदीद पीड़िता की बड़ी बेटी शिवानी कुमारी (8) ने बताया कि वो GMCH के ऑल पीओपी वार्ड में मां और अपने भाई-बहन के साथ मौजूद थी। इसी दौरान दो महिला रिश्तेदार बनकर आई। वो खाने का कुछ सामान भी लेकर आई थी। जिसे उसने खाने से मना कर दिया। इसके बाद बहला-फुसलाकर उसे और उसके छोटे भाई-बहनों को साथ ले जाने के लिए राजी कर लिया। महिला चोरों ने मुझे 210 रुपए देने का लालच दिया और इसी बहाने उन्हें अस्पताल परिसर से बाहर ले गईं। उसने 210 रुपए दिए और फिर जबरन भाई बहनों को ले गई। मैंने वहां शोर भी किया, मगर लोगों के न होने की वजह से वे भाग निकले।
पिता की तीन महीने पहले मौत घटना की जानकारी देते हुए बच्चों की मां गुड़िया देवी ने बताया कि जब काफी देर तक बच्चे वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। इसी दौरान बड़ी बच्ची रोती हुई पास पहुंची और बच्चों की चोरी कर जबरन ले जाने की बात बताई। काफी खोजबीन के बाद अब तक बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई। पीड़िता ने बताया कि वो पहले से ही गहरे संकट से गुजर रही हैं। पति रामजी दास को भी टीवी की बीमारी थी और करीब तीन महीने पहले उनकी मौत हो चुकी है। पति की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी बच्चों पर ही आ गई थी। अब अस्पताल से बच्चों की चोरी ने मुझे पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है।
जल्द बच्चों को बरामद कर लिया जाएगा फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी प्रभारी राजनंदनी ने बताया कि सूचना मिलते ही फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी और फिर के. हाट की पुलिस मौके पर पहुंची थी और मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि महिला चोरों से जुड़ा अहम सुराग हाथ लग जाए। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बच्चों को बरामद कर लिया जाएगा।


