कानपुर में इलेक्ट्रॉनिक बाजार में इंडक्शन खरीदने वालों की इलेक्ट्रिक बाजर की दुकानों में भीड़ लग गई है। शहर के सबसे बड़े और पुराने बाजार मनिराम बगिया में लोग इलेक्ट्रिक बाजार में पहुंचकर केवल इलेक्ट्रिक इंडक्शन मांग रहे हैं। जिस तरह से गैस सिलेंडर की किल्लत बढ़ रही है, लोग इसे विकल्प के तौर पर खरीद रहे हैं। क्योंकि लगातार ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच हमलों की खबरों से लोगों को लग रहा है कि आने वाले दिनों में गैस सिलेंडर मिलना मुश्किल हो सकता है। कानपुर का मनिराम बगिया बाजार, जो करीब 60 साल पुराना इलेक्ट्रिक बाजार है, यहां करीब 150 से ज्यादा इलेक्ट्रिक की दुकानें हैं। इस बाजार में गुरुवार को हर दुकान पर केवल इंडक्शन खरीदने वाले ही पहुंचते रहे। मार्केट में इंडक्शन की कोई कमी नहीं
मनिराम बगिया इलेक्ट्रिक मार्केट के सीनियर प्रेसिडेंट मनोज मेघानी ने बताया कि ईरान और इजरायल के बीच जिस तरह से हालात चल रहे हैं, उससे लोगों को लग रहा है कि गैस की किल्लत बढ़ सकती है। इसलिए जो लोग मार्केट में आ रहे हैं, वे सिर्फ इलेक्ट्रिक इंडक्शन खरीदने ही पहुंच रहे हैं। पूरे मार्केट में लगभग हर दुकान पर यही स्थिति रही। मेरी दुकान पर भी दिनभर इंडक्शन पूछने वाले लोग आए, जबकि मेरा काम इलेक्ट्रिक वायर का है। लेकिन अगर इसी तरह के हालात रहे तो मैं भी कंपनी से इंडक्शन मंगाकर बेचना शुरू कर दूंगा। हालांकि मार्केट में इंडक्शन की कोई कमी नहीं है। कंपनियों की तरफ से सप्लाई में किसी तरह की कमी की बात सामने नहीं आई है। बाजार में पर्याप्त माल मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद इंडक्शन के खरीदार लगातार पहुंच रहे हैं। सबसे बड़े डिस्ट्रीब्यूटर की दुकान पर उमड़ी भीड़
शहर के मनिराम बगिया में सबसे बड़े डिस्ट्रीब्यूटर मंघाराम की दुकान पर पूरे दिन से लेकर रात तक इंडक्शन खरीदने वालों की भीड़ लगी रही। हालात ऐसे हो गए कि हैवेल्स कंपनी के इलेक्ट्रिक इंडक्शन खत्म हो गए। इसके बाद अन्य कंपनियों के इंडक्शन बिकने शुरू हुए। लोग किसी भी हालत में गैस की कमी को पूरा करने और विकल्प के रूप में अपने लिए इंडक्शन खरीदकर ले जाना चाह रहे थे।
दुकानदार बंटी ने बताया कि कंपनी की तरफ से माल पूरा मिल रहा है। किसी भी तरह से इंडक्शन की कीमत भी नहीं बढ़ाई गई है। जो भी माल के ऑर्डर दिए गए हैं, उन्हें कंपनी भेज रही है। अचानक भीड़ बढ़ने की वजह गैस की किल्लत है। इंडेक्शन की कीमत जानिए ग्राहकों बोले
अमन गुप्ता ने बताया कि जिस तरह से गैस को लेकर हालात बन रहे हैं, उसे देखते हुए वह इंडक्शन लेने आए हैं। इससे कम से कम गैस की कमी को पूरा किया जा सकेगा। वी.एस. त्रिपाठी ने कहा कि आज हालात कुछ-कुछ नोटबंदी जैसे लग रहे हैं। लोग लाइन में हैं और उन्हें लग रहा है कि गैस मिलेगी या नहीं। इसी डर की वजह से लोग विकल्प के तौर पर इंडक्शन खरीद रहे हैं। अगर सरकार कोई रास्ता निकालती है तो लोगों को राहत मिल सकती है।


