पंजाबी सिंगर करण औजला आज बेंगलुरु में होने वाले शो में अपने 6 गाने नहीं गा सकेंगे। चंडीगढ़ के प्रो. पंडित राव धरेन्नवर की ओर से भेजी गई शिकायत के बाद डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट, बेंगलुरु ने उन्हें नोटिस जारी किया है। साथ ही पुलिस को इस आदेश को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। ‘गैंगस्टा’ (Gangsta) गाने को किसी भी हाल में गाने की अनुमति नहीं दी गई है। यह निर्देश बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा और उन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को रोकने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं। प्रोफसर राव ने अपनी शिकायत में उठाए थे यह चार सवाल इन गानों पर रोक लगाने की मांग थी
करण औजला को उनके कुछ खास गाने जैसे ‘अधिया’, ‘चिट्टा कुर्ता’, ‘अल्कोहल 2’, ‘फ्यू डेज’ (तड़के उठ के खादे फीम कुड़े), ‘बंदूक’ और विशेष रूप से ‘गैंगस्टा’ (Gangsta) गाने की अनुमति न दी जाए। नशा और हथियार संस्कृति – शिकायत में आरोप लगाया गया कि ये गाने शराब, ड्रग्स (नशीले पदार्थों) और बंदूक संस्कृति (गन कल्चर) का महिमामंडन करते हैं। बच्चों पर बुरा प्रभाव – राव का तर्क था कि इस तरह के गानों का प्रभाव कोमल मन वाले बच्चों (विशेषकर 5 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों, जिन्हें शो में अनुमति दी गई थी) के मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा पड़ता है। अदालत का हवाला – अपनी शिकायत में उन्होंने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक पुराने आर्डर का (PIL CWP/27011/2016) हवाला भी दिया ाा, जिसमें अदालत ने माना था कि ऐसे गाने कम उम्र के बच्चों को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। इसके बाद यह आदेश हुए जारी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला बाल संरक्षण इकाई ने पुलिस अधीक्षक (SP), बेंगलुरु को एक आधिकारिक निर्देश जारी किया है। इकाई ने पुलिस को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि कार्यक्रम के दौरान इन गानों के गायन पर रोक लगाई जाए। अपनी कार्रवाई के समर्थन में इकाई ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के उस अवलोकन का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया था कि ऐसे गाने कम उम्र के बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। यह कदम पूरी तरह से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा और उन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पंजाबी सिंगर करण औजला को बेंगलुरु शो से पहले नोटिस:छह गाने स्टेज पर नहीं गा पाएंगे, चंडीगढ़ के प्रोफेसर की शिकायत पर कार्रवाई


