प्रमंडलीय सभागार में आयुक्त हिमांशु कुमार राय की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजनों की समस्याओं का समाधान करना। जनसुनवाई के दौरान आयुक्त ने विभिन्न आवेदकों के आवेदन पर सुनवाई की। प्राप्त मामलों में भूमि विवाद, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति और भारतमाला परियोजना के अंतर्गत अधिग्रहित जमीन के मुआवजे के भुगतान से संबंधित विषय प्रमुख रहे। आयुक्त ने सभी मामलों को समय पर हल करने के निर्देश दिए। साथ ही, जनसुनवाई में प्राप्त मामलों की नियमित समीक्षा और प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए हर सप्ताह के 2 कार्य दिवस सोमवार और शुक्रवार को सभी सरकारी कार्यालयों में संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने कार्यालय कक्ष में उपस्थित होकर जनसुनवाई करते हैं। आम जनता की सुविधा के लिए कार्यालय परिसर में बैठने और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है। कार्यक्रम में आयुक्त के सचिव सुशील कुमार मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। जिलास्तरीय समन्वय समिति की बैठक, फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने के निर्देश दूसरी तरफ समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिला पदाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में जिलास्तरीय समन्वय समिति की साप्ताहिक बैठक हुई।
बैठक में सीपीग्राम, ई-कम्प्लायंस डैशबोर्ड, मुख्यमंत्री जनता दरबार, राजस्व जन-शिकायत, लंबित एसी-डीसी विपत्र सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई।
जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को फार्मर रजिस्ट्री कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। माह के अंत तक 85 हजार से अधिक फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग से संबंधित लंबित मामलों के जल्द निष्पादन पर भी बल दिया गया। सीडब्ल्यूजेसी मामलों की समीक्षा करते हुए न्यायालय में समय पर एसओपी समर्पित करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने बिरौल-बेनीपुर अंचल में उत्पाद थाना के लिए जमीन चिह्नित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में उप विकास आयुक्त स्वप्निल, अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजेश कुमार, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सलीम अख्तर, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने 30 से अधिक आवेदनों पर की सुनवाई
जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को जनसुनवाई का भी आयोजन किया गया, जिसमें 30 से अधिक परिवादियों ने अपनी समस्याएं रखीं। प्रमुख मामलों में भूमि विवाद, शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दे, विकास मित्र की बहाली, सड़क अतिक्रमण से मुक्ति और पीडीएस बहाली जैसे विषय शामिल रहे।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। कहा कि हर सोमवार-शुक्रवार को थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला और प्रमंडल स्तर पर अनिवार्य रूप से जनसुनवाई कर आमजनों की समस्याओं का समाधान किया जाए। प्रमंडलीय सभागार में आयुक्त हिमांशु कुमार राय की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजनों की समस्याओं का समाधान करना। जनसुनवाई के दौरान आयुक्त ने विभिन्न आवेदकों के आवेदन पर सुनवाई की। प्राप्त मामलों में भूमि विवाद, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति और भारतमाला परियोजना के अंतर्गत अधिग्रहित जमीन के मुआवजे के भुगतान से संबंधित विषय प्रमुख रहे। आयुक्त ने सभी मामलों को समय पर हल करने के निर्देश दिए। साथ ही, जनसुनवाई में प्राप्त मामलों की नियमित समीक्षा और प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए हर सप्ताह के 2 कार्य दिवस सोमवार और शुक्रवार को सभी सरकारी कार्यालयों में संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने कार्यालय कक्ष में उपस्थित होकर जनसुनवाई करते हैं। आम जनता की सुविधा के लिए कार्यालय परिसर में बैठने और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है। कार्यक्रम में आयुक्त के सचिव सुशील कुमार मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। जिलास्तरीय समन्वय समिति की बैठक, फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने के निर्देश दूसरी तरफ समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिला पदाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में जिलास्तरीय समन्वय समिति की साप्ताहिक बैठक हुई।
बैठक में सीपीग्राम, ई-कम्प्लायंस डैशबोर्ड, मुख्यमंत्री जनता दरबार, राजस्व जन-शिकायत, लंबित एसी-डीसी विपत्र सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई।
जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को फार्मर रजिस्ट्री कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। माह के अंत तक 85 हजार से अधिक फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग से संबंधित लंबित मामलों के जल्द निष्पादन पर भी बल दिया गया। सीडब्ल्यूजेसी मामलों की समीक्षा करते हुए न्यायालय में समय पर एसओपी समर्पित करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने बिरौल-बेनीपुर अंचल में उत्पाद थाना के लिए जमीन चिह्नित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में उप विकास आयुक्त स्वप्निल, अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजेश कुमार, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सलीम अख्तर, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने 30 से अधिक आवेदनों पर की सुनवाई
जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को जनसुनवाई का भी आयोजन किया गया, जिसमें 30 से अधिक परिवादियों ने अपनी समस्याएं रखीं। प्रमुख मामलों में भूमि विवाद, शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दे, विकास मित्र की बहाली, सड़क अतिक्रमण से मुक्ति और पीडीएस बहाली जैसे विषय शामिल रहे।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। कहा कि हर सोमवार-शुक्रवार को थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला और प्रमंडल स्तर पर अनिवार्य रूप से जनसुनवाई कर आमजनों की समस्याओं का समाधान किया जाए।


