चित्तौड़गढ़ जिले के चंदेरिया स्थित हिंदुस्तान जिंक के चंदेरिया स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स में प्रस्तावित हाई-टेक फर्टिलाइजर प्लांट को लेकर आयोजित जनसुनवाई में प्रदूषण, डेवलपमेंट, रोजगार और किसान हित जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की गई। करीब 2700 करोड़ रुपए के निवेश से बनने वाले इस बड़े संयंत्र से एक ओर खाद उत्पादन में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और क्षेत्र के सामाजिक विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जनसुनवाई सगरा माता मेला परिसर में आयोजित इस जनसुनवाई का संचालन राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से किया गया। प्रोग्राम के दौरान प्रशासन की ओर से अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामचंद्र खटीक, क्षेत्रीय अधिकारी आशीष बोरासी और गंगरार उपखंड अधिकारी पुनित कुमार गेलरा मौजूद रहे। जनसुनवाई के दौरान आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि पहुंचे, जिन्होंने अपनी राय, सुझाव और चिंताएं प्रशासन और कंपनी के सामने रखीं। अधिकारियों ने सभी पक्षों की बात ध्यान से सुनी और उन्हें दर्ज भी किया गया। दो चरणों में बनेगा संयंत्र, किसानों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण खाद चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर के लोकेशन हेड आलोक रंजन ने प्रस्तावित प्लांट की जानकारी देते हुए बताया कि यह खाद संयंत्र दो चरणों में स्थापित किया जाएगा। इसकी कुल उत्पादन क्षमता करीब 10 लाख टन प्रतिवर्ष रहेगी। इस प्लांट में डाई अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी), एनपीके और अमोनियम फॉस्फेट सल्फेट जैसे उर्वरकों का उत्पादन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे राजस्थान सहित आसपास के राज्यों के किसानों को बेहतर गुणवत्ता की खाद उपलब्ध हो सकेगी, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ने में भी मदद मिलेगी। कंपनी के अनुसार प्लांट में विश्वस्तरीय एचडीएच और पीएन प्लस तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे खाद के प्रत्येक दाने में पोषक तत्वों की समान मात्रा बनी रहेगी। धूल रहित और मजबूत दानों के कारण किसानों के लिए इसका उपयोग और भंडारण भी आसान होगा। कंपनी का कहना है कि नई तकनीक के कारण खाद की गुणवत्ता बेहतर होगी और पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ेगा। ग्रामीणों को नौकरी में मिलेगी प्राथमिकता, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने अपनी मांगें और कुछ शिकायतें भी रखीं। इस पर लोकेशन हेड आलोक रंजन ने जवाब देते हुए कहा कि रोजगार के मामले में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। रोजगार के 90 प्रतिशत नौकरी हम चित्तौड़गढ़ के ग्रामीणों को ही देंगे। इस प्लांट से करीब 500 लोगों को डायरेक्ट नौकरी और लगभग 5000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। नौकरी देने से पहले जिंक के पास बसे 4-5 गांवों के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी शिक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर भी काम कर रही है। “साल 2022 के बाद हमने 40 छात्रों को चुना और आज वे देश के सबसे अच्छे कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं। किसी ने सुझाव दिया था कि देश को जवानों की बहुत जरूरत है। हमने एक उच्च शैक्षणिक संस्थान के साथ टाई-अप किया हुआ है। हम इन गांवों में रहने वाले युवाओं की पढ़ाई के साथ-साथ ट्रेनिंग में भी मदद करेंगे ताकि वे डिफेंस, पुलिस या आर्मी में जा सकें।” पशुधन, शिक्षा और नई तकनीक पर भी रहेगा ध्यान लोकेशन हेड ने कहा कि कंपनी क्षेत्र के पशुधन और किसानों के हितों को भी ध्यान में रखेगी। पशुधन हमारे लिए भी सर्वोपरि है। इसके लिए हम कैटल इंश्योरेंस लेकर आएंगे और इस बारे में सभी जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर चर्चा करेंगे। इसके अलावा हम एक बड़ा पशु हॉस्पिटल भी खोलेंगे, जिसमें 24 घंटे पशु सेवा और इलाज की सुविधा होगी। उन्होंने आगे कहा कि प्लांट में दुनिया भर की नई तकनीक का उपयोग किया जाएगा ताकि प्रदूषण की समस्या न हो। “दुनिया के सबसे बड़े विशेषज्ञ जो ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील में हैं, उनके साथ हम काम कर रहे हैं। कई काम हम कर चुके हैं और आगे भी नई तकनीक को लेकर काम करेंगे, ताकि किसी तरह के प्रदूषण से किसी को परेशानी न हो।” उन्होंने कहा कि यह प्लांट क्षेत्र के लोगों का ही है और कंपनी सभी के सहयोग से इसे सफल बनाना चाहती है। “यह जो खाद कारखाना बन रहा है, यह सब आप लोगों का है। हम वादा करते हैं कि प्लांट चालू होने के बाद एक महीने तक हम मुफ्त में खाद उपलब्ध करवाएंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल कंपनी ने आसपास के चार गांवों में करीब 45 करोड़ रुपए खर्च किए थे और इस साल लगभग 50 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है। “लेकिन जैसा आप लोग कहेंगे, हम उसी हिसाब से काम करेंगे और क्षेत्र के विकास के लिए आगे बढ़ेंगे।


