भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद पीटी उषा के पति वी. श्रीनिवासन का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। वे 67 साल के थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, श्रीनिवासन शुक्रवार सुबह अपने घर पर अचानक गिर पड़े थे। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पीएम मोदी ने पीटी उषा से फोन पर की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद खबर के बाद पीटी उषा से फोन पर बात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। पीएमओ के अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने श्रीनिवासन के निधन पर गहरा दुख जताया और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। श्रीनिवासन केंद्र सरकार के कर्मचारी थे, लेकिन उन्होंने अपना अधिकांश समय पीटी उषा के खेल और राजनीतिक सफर को संवारने में लगाया। पीटी उषा के करियर के ‘पिलर ऑफ सपोर्ट’ थे
श्रीनिवासन को खेल जगत में पीटी उषा के ‘पिलर ऑफ सपोर्ट’ के रूप में जाना जाता था। उषा के एक एथलीट के रूप में शानदार करियर से लेकर आईओए अध्यक्ष बनने और राज्यसभा सांसद के रूप में उनके राजनीतिक सफर तक, श्रीनिवासन हर कदम पर उनके साथ रहे। वे अक्सर महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों में उषा के साथ देखे जाते थे। खेल जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि उषा की कई व्यावसायिक और पेशेवर उपलब्धियों के पीछे श्रीनिवासन की रणनीति और मेहनत का बड़ा हाथ था। राज्यपाल और केंद्रीय मंत्रियों ने जताया दुख
केरल के राज्यपाल श्री राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने श्रीनिवासन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा, ‘राज्यसभा सांसद और आईओए अध्यक्ष डॉ. पीटी उषा के पति श्री वी.श्रीनिवासन के निधन से अत्यंत दुख हुआ। शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। उनकी आत्मा को मुक्ति मिले।’ केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी दुख जताते हुए कहा कि श्रीनिवासन का जाना भारतीय खेल बिरादरी के लिए एक क्षति है, जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर एक महान एथलीट का हमेशा साथ दिया। _____________ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… WPL में आज MI vs GG:मुंबई ने गुजरात के खिलाफ 100% मुकाबले जीते, सीजन में दूसरी बार होगा सामना WPL 2026 का 19वां मुकाबला आज मुंबई इंडियंस (MI) और गुजरात जायंट्स (GG) के बीच खेला जाएगा। यह मैच वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। पूरी खबर
पीटी उषा के पति श्रीनिवासन का निधन:एथलीट से सांसद बनने तक के सफर में साथ रहे, उषा के पिलर ऑफ सपोर्ट कहे जाते थे


