भदौरा रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह 11 बजे से ‘रेल रोको आंदोलन’ शुरू हुआ। इंटरसिटी ट्रेन के स्थायी स्टॉपेज और शंकरपुर-भदौरा रेलवे स्टेशन को पूर्ण स्टेशन का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर हजारों लोग पटरियों पर उतर आए। रेल यातायात बाधित हो गया है। रेल रोको आंदोलन’ की सूचना मिलते ही रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस बल को बुला लिया गया है। अधिकारी आंदोलनकारियों से बातचीत का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। तस्वीरें देखिए… इंटरसिटी स्टॉपेज की मांग समाजसेवी आनंद सिंह (ददुआ) के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने एक मालगाड़ी को रोक दिया। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग रेलवे पटरियों पर बैठ गए और कई लोग लेटकर विरोध दर्ज कराने लगे। आंदोलनकारी वर्षों से इंटरसिटी स्टॉपेज, स्टेशन मास्टर की पदस्थापना और पैसेंजर ट्रेनों की बहाली की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि रेल प्रशासन लगातार उनकी अनदेखी कर रहा है। कोरोना में बंद ट्रेन भी नहीं हुई शुरू रेल संघर्ष समिति के अनुसार, कोरोना काल में बंद की गईं चार पैसेंजर ट्रेनें अब तक बहाल नहीं हुई हैं। इससे गंभीर मरीजों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को जबलपुर, रीवा और अन्य बड़े शहरों तक पहुंचने में भारी कठिनाई हो रही है। यह मुद्दा केवल रेल सुविधा तक सीमित नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से भी जुड़ा है। इस आंदोलन में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इसे सर्वदलीय स्वरूप प्रदान किया है। महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने आंदोलन को और अधिक मजबूती दी है।


