अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर निकाली जा रही जन आक्रोश यात्रा सोमवार देर शाम छतरपुर पहुंची। बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में छत्रसाल चौराहा से मशाल जुलूस निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और अलग बुंदेलखंड राज्य के समर्थन में नारे लगाए। भानू सहाय ने कहा कि महाराजा छत्रसाल की वीरभूमि छतरपुर में जन आक्रोश यात्रा का पहुंचना आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने बताया कि छतरपुर की धरती शौर्य, स्वाभिमान और संघर्ष की गाथाओं से जुड़ी रही है। सहाय ने आगे कहा कि जिस तरह महाराजा छत्रसाल ने बुंदेलखंड की अस्मिता की रक्षा के लिए संघर्ष किया था, उसी प्रेरणा से आज बुंदेलखंड राज्य निर्माण का आंदोलन आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्रसाल की वीरता और बलिदान की यह भूमि पृथक बुंदेलखंड राज्य निर्माण के आंदोलन को और मजबूत करेगी। 13 मार्च को ओरछा धाम पहुंचेगी रैली
जन आक्रोश यात्रा 16 फरवरी को वनवासी राम की नगरी चित्रकूट के कामतानाथ मंदिर से शुरू हुई थी। यह यात्रा 13 मार्च को ओरछा धाम स्थित रामराजा सरकार के दरबार में पहुंचकर समाप्त होगी। यात्रा चित्रकूट से निकलकर बांदा, पन्ना, दमोह, सागर, टीकमगढ़, ललितपुर, दतिया, जालौन, हमीरपुर और महोबा होते हुए छतरपुर जिले में पहुंची। रास्ते में पड़ने वाले गांवों में लोगों ने यात्रा का स्वागत किया और पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को समर्थन दिया। यात्रा के दौरान वक्ताओं ने बताया कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण का वादा तीन वर्षों में पूरा करने की बात कही गई थी, लेकिन 12 साल बीत जाने के बाद भी राज्य का गठन नहीं हो सका है। इसके विरोध में पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य एक लाख लोगों को आंदोलन से जोड़ना है। इस दौरान छतरपुर कचहरी में अधिवक्ताओं से भी जनसंपर्क किया गया। अधिवक्ताओं ने पृथक बुंदेलखंड राज्य के समर्थन में प्रधानमंत्री से जल्द राज्य गठन की मांग की।


