मेवाड़ यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स का विरोध प्रदर्शन जारी:एबीवीपी ने दिया साथ, स्टूडेंट्स बोले – फर्जी डॉक्यूमेंट्स दिखाकर दिया था एडमिशन

मेवाड़ यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स का विरोध प्रदर्शन जारी:एबीवीपी ने दिया साथ, स्टूडेंट्स बोले – फर्जी डॉक्यूमेंट्स दिखाकर दिया था एडमिशन

चित्तौड़गढ़ के गंगरार स्थित मेवाड़ यूनिवर्सिटी में बीएससी नर्सिंग और जीएनएम कोर्स की मान्यता को लेकर पिछले 15 दिनों से चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने साल 2022-23 में एडमिशन देते समय यह कहा था कि कोर्स को राजस्थान नर्सिंग काउंसिल और इंडियन नर्सिंग काउंसिल की मान्यता प्राप्त है, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि कोई भी वैध अनुमति उपलब्ध नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर छात्र लगातार धरने पर बैठे हैं। अब इस आंदोलन को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का भी समर्थन मिल गया है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने छात्रों के समर्थन में जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। छात्रों का कहना है कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है और प्रशासन उनकी सुनवाई नहीं कर रहा है। छात्रों का आरोप – फर्जी दस्तावेज दिखाकर दिया गया प्रवेश बीएससी नर्सिंग की छात्रा पायल पाटिल ने बताया कि जब उन्होंने प्रवेश लिया था तब उन्हें आरएनसी और आईएनसी की मान्यता होने का भरोसा दिया गया था। एक साल बाद जानकारी मिली कि किसी भी काउंसिल से अनुमति नहीं है। जब इस बारे में प्रबंधन से पूछा गया तो कथित रूप से शपथ पत्र दिखाकर आश्वासन दिया गया कि जल्द ही मान्यता मिल जाएगी। अब छात्र फाइनल ईयर में हैं और परीक्षा में केवल एक महीना बाकी है, लेकिन अभी तक न तो मान्यता मिली है और न ही स्पष्ट जवाब। छात्रों का यह भी कहना है कि उन्होंने संबंधित कार्यालयों में जानकारी ली तो वहां बताया गया कि यूनिवर्सिटी की कोई फाइल जमा ही नहीं हुई है। कुछ छात्रों ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री तक भी शिकायत पहुंचाई, लेकिन समाधान नहीं निकला। छात्रों ने एफआईआर भी दर्ज कराई, पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है। माइग्रेशन और फीस वापसी की मांग, कक्षाएं और परीक्षा स्थगित छात्रों की मांग है कि बीएससी नर्सिंग और जीएनएम के करीब 120 स्टूडेंट्स को किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में उसी सेमेस्टर और साल में ट्रांसफर किया जाए ताकि उनका साल खराब न हो। साथ ही जिन छात्रों ने भारी फीस और डोनेशन जमा कराया है, उन्हें राशि वापस की जाए। नर्सिंग स्टूडेंट रोहित मारू ने आरोप लगाया है कि उनसे एक से डेढ़ लाख रुपए तक डोनेशन लिया गया। इधर बढ़ते विरोध के बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अगली सूचना तक सभी कक्षाएं और चार परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। उन्होंने बताया है कि बीएससी नर्सिंग की मान्यता से जुड़ी फाइल जयपुर स्तर पर लंबित है और मामला हाईकोर्ट तक भी गया था। हालांकि छात्र इस दावे से संतुष्ट नहीं हैं और बताया कि जब वे लोग जयपुर गए थे तो उन्हें ऐसी कोई फाइल होने के लिए मना किया गया था। फिलहाल आंदोलन जारी है और सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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