अलवर में नीलगायों के जीवनदान के लिए धरना, ‘हत्या कानून’ वापस लेने की मांग

अलवर में नीलगायों के जीवनदान के लिए धरना, ‘हत्या कानून’ वापस लेने की मांग

राजस्थान के अलवर जिले में भगवान महावीर के जन्म कल्याणक के अवसर पर गुरुवार, 26 मार्च को जीव दया और अहिंसा का अनूठा संदेश देखने को मिला। मन्नी का बड़ स्थित अहिंसा सर्किल पर सुबह बेजुबान नीलगायों के संरक्षण और उन्हें जीवनदान देने की मांग को लेकर एक विशाल धरना और प्रदर्शन आयोजित किया गया।

दिगंबर जैन महासमिति अलवर संभाग की अगुवाई में आयोजित इस प्रदर्शन को ‘राजस्थान नीलगाय रक्षा आंदोलन’ का खुला समर्थन प्राप्त हुआ। इस दौरान सर्व समाज और विभिन्न संगठनों के लोगों ने एक स्वर में सरकार से नीलगाय हत्या से जुड़े कानूनों को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की पुरजोर मांग की।

हस्ताक्षर अभियान भी चलाया

इस विरोध प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों, प्रकृति प्रेमियों और पर्यावरण से जुड़े संगठनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महासमिति के संभाग अध्यक्ष कुलदीप जैन बड़जात्या के नेतृत्व में आयोजित इस धरने में शामिल लोगों ने विरोध स्वरूप अपने हाथों और कपड़ों पर काले बैज लगाए।

धरना स्थल पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा नीलगाय हत्या कानून के विरुद्ध बड़े-बड़े बैनर प्रदर्शित किए गए और लोगों को जागरूक करने के लिए एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि नीलगाय प्रकृति की एक अनमोल धरोहर है और संविधान ने उसे भी अन्य वन्यजीवों की तरह जीने का पूरा अधिकार दिया है।

जीव हत्या के खिलाफ नारेबाजी

सभा के दौरान प्रबुद्ध नागरिकों ने विचार रखते हुए कहा कि किसानों की फसलों की रक्षा करना जरूरी है, लेकिन इसके लिए बेजुबान जीवों की हत्या करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सरकार को सुझाव दिया कि फसलों को बचाने के लिए कोई भी अहिंसक उपाय अपनाए जाएं, मगर हत्या जैसा क्रूर कदम न उठाया जाए। इस दौरान आयोजित जनसभा में युवाओं और महिला संगठनों की भी सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने जीव हत्या के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलन को सफल बनाने के लिए पिछले कई दिनों से विभिन्न टीमें जनसंपर्क अभियान में जुटी हुई थीं।

इस मानवीय पहल को समाज के हर वर्ग का साथ मिला। धरने को समर्थन देने वालों में आर्य समाज के प्रधान प्रदीप आर्य, जिला एटक अध्यक्ष राजकुमार बख्शी, गुरुद्वारा सिंहसभा के प्रधान सरदार तारासिंह एडवोकेट और जिला व्यापार महासंघ के अध्यक्ष रमेश जुनेजा प्रमुख रूप से शामिल रहे। साथ ही ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के प्रवक्ता सचेन्द्र कौशिक, प्रकृति मित्र संघ के निदेशक लोकेश खंडेलवाल, बंधुआ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश याज्ञिक, पर्यावरण मित्र संस्थान के अध्यक्ष मुरारी पाराशर और दाऊजी मंदिर गटरू मटरू ट्रस्ट के अध्यक्ष अनिल चौधरी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इस अहिंसक आंदोलन को अपनी मजबूती प्रदान की।

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