महोबा में ‘यादव जी की लव स्टोरी’ फिल्म को लेकर यादव समाज में आक्रोश देखा जा रहा है। अखिल भारतीय यादव महासभा ने फिल्म पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा है। संगठन का आरोप है कि यह फिल्म सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और यादव समुदाय की भावनाओं को आहत करने की साजिश का हिस्सा है। अखिल भारतीय यादव महासभा के जिलाध्यक्ष बृजगोपाल यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में युवाओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान फिल्म के पोस्टर दिखाते हुए जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यूट्यूब और फिल्म निर्माता संदीप तोमर, निर्देशक अंकित भड़ाना तथा कलाकार प्रगति तिवारी व विशाल मोहन द्वारा बनाई गई यह फिल्म धार्मिक और जातीय विद्वेष फैला रही है। यादव समाज के नेताओं ने फिल्म में एक यादव समाज की लड़की और एक विशेष समुदाय के लड़के के बीच प्रेम संबंध दिखाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस तरह के फिल्मांकन से न केवल यादव समाज का गौरवशाली इतिहास धूमिल हो रहा है, बल्कि पूरे हिंदू समाज की भावनाएं भी आहत हुई हैं। प्रदर्शन में शामिल योगेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि पहले ‘घूसखोर पंडित’ जैसी फिल्में बनाकर ब्राह्मण समाज को अपमानित किया गया और अब ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के नाम पर यादवों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फिल्म का शीर्षक नहीं बदला गया और इसकी रिलीज पर रोक नहीं लगी, तो यादव समाज के नौजवान सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगे और फिल्म को सिनेमाघरों में नहीं चलने देंगे। अखिल भारतीय यादव महासभा ने सेंसर बोर्ड और भारत सरकार से मांग की है कि जाति विशेष को लेकर अपमानजनक फिल्में बनाने वाली मानसिकता पर कठोर कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान महेश यादव, विनोद कुमार, अखिलेश और पंकज यादव समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को महामहिम राष्ट्रपति तक पहुंचाया जाएगा।


