शिवहर में बिहार ज्वेलर्स एसोसिएशन के फैसले का विरोध:न्यू अलंकर ज्वैलर्स के मालिक बोले – ‘व्यापार में भेदभाव का कोई स्थान नहीं’

शिवहर में बिहार ज्वेलर्स एसोसिएशन के फैसले का विरोध:न्यू अलंकर ज्वैलर्स के मालिक बोले – ‘व्यापार में भेदभाव का कोई स्थान नहीं’

बिहार ज्वेलर्स एसोसिएशन के एक फैसले को लेकर राज्य में विवाद शुरू हो गया है। एसोसिएशन ने 7 जनवरी, बुधवार को निर्णय लिया है कि नकाब, हिजाब, घूंघट, हेलमेट या पगड़ी से चेहरा ढककर आने वाले ग्राहकों को ज्वेलरी दुकानों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस फैसले का असर अब शिवहर जिले में भी दिखने लगा है। शिवहर में ज्वेलरी कारोबार से जुड़े लोगों ने इस पर आपत्ति जतानी शुरू कर दी है। जिले के सबसे बड़े प्रतिष्ठानों में से एक न्यू अलंकर ज्वैलर्स ने इस फैसले का खुलकर विरोध किया है। ”व्यापार में धर्म या पहनावे का कोई स्थान नहीं होना चाहिए” न्यू अलंकर ज्वैलर्स के मालिक मनोज कुमार सोनी ने कहा कि व्यापार में धर्म या पहनावे का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया, “हमारे लिए हर ग्राहक भगवान के समान है। ग्राहक किसी भी धर्म, समुदाय या पहनावे का हो, हम सभी का समान रूप से सम्मान करते हैं। व्यापार में भेदभाव का कोई स्थान नहीं है और हम इस फैसले का विरोध करते हैं।” ज्वेलरी का व्यापार विश्वास और आपसी सौहार्द पर आधारित सोनी ने आगे कहा कि ज्वेलरी का व्यापार विश्वास और आपसी सौहार्द पर आधारित होता है। इस तरह के फैसले समाज में गलत संदेश देते हैं। उन्होंने बिहार ज्वेलर्स एसोसिएशन से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। यह विवाद यूपी के झांसी में इसी तरह के एक फैसले के बाद शुरू हुआ है। फिलहाल शिवहर जिले में इस फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और आने वाले दिनों में अन्य व्यापारियों की प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है। बिहार ज्वेलर्स एसोसिएशन के एक फैसले को लेकर राज्य में विवाद शुरू हो गया है। एसोसिएशन ने 7 जनवरी, बुधवार को निर्णय लिया है कि नकाब, हिजाब, घूंघट, हेलमेट या पगड़ी से चेहरा ढककर आने वाले ग्राहकों को ज्वेलरी दुकानों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस फैसले का असर अब शिवहर जिले में भी दिखने लगा है। शिवहर में ज्वेलरी कारोबार से जुड़े लोगों ने इस पर आपत्ति जतानी शुरू कर दी है। जिले के सबसे बड़े प्रतिष्ठानों में से एक न्यू अलंकर ज्वैलर्स ने इस फैसले का खुलकर विरोध किया है। ”व्यापार में धर्म या पहनावे का कोई स्थान नहीं होना चाहिए” न्यू अलंकर ज्वैलर्स के मालिक मनोज कुमार सोनी ने कहा कि व्यापार में धर्म या पहनावे का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया, “हमारे लिए हर ग्राहक भगवान के समान है। ग्राहक किसी भी धर्म, समुदाय या पहनावे का हो, हम सभी का समान रूप से सम्मान करते हैं। व्यापार में भेदभाव का कोई स्थान नहीं है और हम इस फैसले का विरोध करते हैं।” ज्वेलरी का व्यापार विश्वास और आपसी सौहार्द पर आधारित सोनी ने आगे कहा कि ज्वेलरी का व्यापार विश्वास और आपसी सौहार्द पर आधारित होता है। इस तरह के फैसले समाज में गलत संदेश देते हैं। उन्होंने बिहार ज्वेलर्स एसोसिएशन से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। यह विवाद यूपी के झांसी में इसी तरह के एक फैसले के बाद शुरू हुआ है। फिलहाल शिवहर जिले में इस फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और आने वाले दिनों में अन्य व्यापारियों की प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *