जमुई में महिलाओं की इज्जत पर टिप्पणी करने का विरोध करना जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र में एक परिवार को भारी पड़ गया। दबंगों ने विरोध से नाराज होकर घर में घुसकर एक ही परिवार के आधा दर्जन लोगों की बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना मंगलवार देर शाम की है। आरोपियों के आतंक और हमले के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। सभी घायलों का इलाज जमुई सदर अस्पताल में चल रहा है। महिलाओं पर गंदी टिप्पणी का पुराना विवाद बना वजह पीड़ितों के अनुसार मोहल्ले की कुछ महिलाएं जब भी घर से बाहर निकलती थीं, आरोपित कारो मांझी का पुत्र, आंधी मांझी का पुत्र, रंजन मांझी का पुत्र और उनके साथ मौजूद अन्य युवक गंदी और अभद्र टिप्पणियां करते थे। कई बार महिलाओं पर आपत्तिजनक इशारे और गाली-गलौज भी की गई। परिवार के लोगों ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन आरोपितों का मनोबल इतना बढ़ चुका था कि वे उल्टे धमकी देने लगते थे। विरोध करते ही दबंगों का हमला, घर में घुसकर पीटा मंगलवार को जब महिलाओं ने उन टिप्पणियों का विरोध किया और पुरुष सदस्यों ने बदतमीजी रोकने की बात कही, तो दबंग तैश में आ गए। आरोप है कि आधा दर्जन से अधिक लोग लाठी-डंडे और लोहे की रॉड लेकर पीड़ित परिवार के घर में घुस आए और हमला शुरू कर दिया। घटना इतनी अचानक हुई कि घर के लोग संभल भी नहीं पाए। महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों सहित करीब छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी दौड़े, तब जाकर हमलावर फरार हुए। घायलों को अस्पताल ले गई पुलिस, कई की हालत नाजुक घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। घायलों को एम्बुलेंस से जमुई सदर अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने कई लोगों के शरीर पर गंभीर चोट के निशान पाए। कुछ घायलों के सिर और कंधे पर गहरी चोटें आई हैं। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल सभी की हालत स्थिर है, लेकिन दो लोगों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़ितों ने कहा, हम सिर्फ अपनी बेटियों और महिलाओं की इज्जत बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन दबंगों का आतंक इस कदर है कि वे विरोध करने वालों को घर में घुसकर पीट देते हैं। लंबे समय से उत्पीड़न झेल रहे हैं पीड़ित परिवार ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। आरोपी कई महीनों से महिलाओं को परेशान कर रहे थे। मोहल्ले की लड़कियां असुरक्षित महसूस करने लगी थीं। परिवार वालों ने कहा, हमने कई बार समझाया, किसी बड़े विवाद की कोशिश भी नहीं की, लेकिन इनका मनोबल इतना बढ़ा है कि खुलेआम टिप्पणी करते हैं और धमकी देते हैं कि विरोध किया तो जान से मार देंगे। घटना के बाद इलाके में तनाव, महिलाएं दहशत में इस घटना के बाद खैरा क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। महिलाओं में डर का माहौल है। कई घरों की महिलाओं ने बाहर निकलना बंद कर दिया है। स्थानीय लोगों ने कहा, जब घर में घुसकर हमला हो सकता है, तो महिलाएं कैसे सुरक्षित महसूस करें? पुलिस को तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, नहीं तो हालात बिगड़ सकते हैं। थानाध्यक्ष बोले—FIR दर्ज होगी, कार्रवाई निश्चित खैरा थाना के थानाध्यक्ष मिंटू सिंह ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा, घटना की जानकारी मिली है। पीड़ित परिवार से आवेदन प्राप्त होते ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जांच के बाद दोषियों को किसी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। थानाध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि महिलाओं की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और इस तरह के असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल यह घटना फिर साबित करती है कि ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को लेकर असुरक्षा की समस्या गंभीर है। अभद्र टिप्पणी, छेड़खानी और उत्पीड़न के मामलों पर प्रशासन अक्सर सतर्कता की बात करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई बार ऐसी घटनाओं को रोका नहीं जा पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले ही सख्ती की जाती, तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। तुरंत कार्रवाई और पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी है। इलाके में रात की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। महिलाओं के साथ होने वाली अभद्र हरकतों पर सख्त निगरानी रखी जाए। पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाए। गांव की महिलाओं ने कहा कि जब तक आरोपियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगी। जमुई में महिलाओं की इज्जत पर टिप्पणी करने का विरोध करना जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र में एक परिवार को भारी पड़ गया। दबंगों ने विरोध से नाराज होकर घर में घुसकर एक ही परिवार के आधा दर्जन लोगों की बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना मंगलवार देर शाम की है। आरोपियों के आतंक और हमले के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। सभी घायलों का इलाज जमुई सदर अस्पताल में चल रहा है। महिलाओं पर गंदी टिप्पणी का पुराना विवाद बना वजह पीड़ितों के अनुसार मोहल्ले की कुछ महिलाएं जब भी घर से बाहर निकलती थीं, आरोपित कारो मांझी का पुत्र, आंधी मांझी का पुत्र, रंजन मांझी का पुत्र और उनके साथ मौजूद अन्य युवक गंदी और अभद्र टिप्पणियां करते थे। कई बार महिलाओं पर आपत्तिजनक इशारे और गाली-गलौज भी की गई। परिवार के लोगों ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन आरोपितों का मनोबल इतना बढ़ चुका था कि वे उल्टे धमकी देने लगते थे। विरोध करते ही दबंगों का हमला, घर में घुसकर पीटा मंगलवार को जब महिलाओं ने उन टिप्पणियों का विरोध किया और पुरुष सदस्यों ने बदतमीजी रोकने की बात कही, तो दबंग तैश में आ गए। आरोप है कि आधा दर्जन से अधिक लोग लाठी-डंडे और लोहे की रॉड लेकर पीड़ित परिवार के घर में घुस आए और हमला शुरू कर दिया। घटना इतनी अचानक हुई कि घर के लोग संभल भी नहीं पाए। महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों सहित करीब छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी दौड़े, तब जाकर हमलावर फरार हुए। घायलों को अस्पताल ले गई पुलिस, कई की हालत नाजुक घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। घायलों को एम्बुलेंस से जमुई सदर अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने कई लोगों के शरीर पर गंभीर चोट के निशान पाए। कुछ घायलों के सिर और कंधे पर गहरी चोटें आई हैं। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल सभी की हालत स्थिर है, लेकिन दो लोगों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़ितों ने कहा, हम सिर्फ अपनी बेटियों और महिलाओं की इज्जत बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन दबंगों का आतंक इस कदर है कि वे विरोध करने वालों को घर में घुसकर पीट देते हैं। लंबे समय से उत्पीड़न झेल रहे हैं पीड़ित परिवार ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। आरोपी कई महीनों से महिलाओं को परेशान कर रहे थे। मोहल्ले की लड़कियां असुरक्षित महसूस करने लगी थीं। परिवार वालों ने कहा, हमने कई बार समझाया, किसी बड़े विवाद की कोशिश भी नहीं की, लेकिन इनका मनोबल इतना बढ़ा है कि खुलेआम टिप्पणी करते हैं और धमकी देते हैं कि विरोध किया तो जान से मार देंगे। घटना के बाद इलाके में तनाव, महिलाएं दहशत में इस घटना के बाद खैरा क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। महिलाओं में डर का माहौल है। कई घरों की महिलाओं ने बाहर निकलना बंद कर दिया है। स्थानीय लोगों ने कहा, जब घर में घुसकर हमला हो सकता है, तो महिलाएं कैसे सुरक्षित महसूस करें? पुलिस को तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, नहीं तो हालात बिगड़ सकते हैं। थानाध्यक्ष बोले—FIR दर्ज होगी, कार्रवाई निश्चित खैरा थाना के थानाध्यक्ष मिंटू सिंह ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा, घटना की जानकारी मिली है। पीड़ित परिवार से आवेदन प्राप्त होते ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जांच के बाद दोषियों को किसी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। थानाध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि महिलाओं की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और इस तरह के असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल यह घटना फिर साबित करती है कि ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को लेकर असुरक्षा की समस्या गंभीर है। अभद्र टिप्पणी, छेड़खानी और उत्पीड़न के मामलों पर प्रशासन अक्सर सतर्कता की बात करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई बार ऐसी घटनाओं को रोका नहीं जा पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले ही सख्ती की जाती, तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। तुरंत कार्रवाई और पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी है। इलाके में रात की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। महिलाओं के साथ होने वाली अभद्र हरकतों पर सख्त निगरानी रखी जाए। पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाए। गांव की महिलाओं ने कहा कि जब तक आरोपियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगी।


