पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में शनिवार को अरवल में राजनीतिक माहौल गरमा गया। सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और कुर्था के जदयू विधायक पप्पू वर्मा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने विधायक का पुतला भी दहन किया। प्रदर्शनकारियों के आरोप प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एक सप्ताह पहले विधायक पप्पू वर्मा ने मीडिया में सार्वजनिक रूप से सांसद पप्पू यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों में बिहार के अस्पतालों से रंगदारी मांगना, रिश्वत लेना, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देना शामिल था। पप्पू यादव समर्थन क्लब के सदस्य रवींद्र कनौजिया, चंदन यादव और जयंत गोप ने कहा कि पूर्व मुखिया रविंद्र गोप, प्रवीण कुमार यादव और अवधेश यादव को जाति देखकर झूठे मुकदमे में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्राथमिकी वापस नहीं ली गई, तो विधायक के खिलाफ बिहार के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे। मांग और चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने विधायक से अपने बयान वापस लेने और दर्ज मुकदमों को निरस्त करने की मांग की। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अरवल का सियासी पारा चढ़ गया है और मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में शनिवार को अरवल में राजनीतिक माहौल गरमा गया। सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और कुर्था के जदयू विधायक पप्पू वर्मा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने विधायक का पुतला भी दहन किया। प्रदर्शनकारियों के आरोप प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एक सप्ताह पहले विधायक पप्पू वर्मा ने मीडिया में सार्वजनिक रूप से सांसद पप्पू यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों में बिहार के अस्पतालों से रंगदारी मांगना, रिश्वत लेना, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देना शामिल था। पप्पू यादव समर्थन क्लब के सदस्य रवींद्र कनौजिया, चंदन यादव और जयंत गोप ने कहा कि पूर्व मुखिया रविंद्र गोप, प्रवीण कुमार यादव और अवधेश यादव को जाति देखकर झूठे मुकदमे में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्राथमिकी वापस नहीं ली गई, तो विधायक के खिलाफ बिहार के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे। मांग और चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने विधायक से अपने बयान वापस लेने और दर्ज मुकदमों को निरस्त करने की मांग की। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अरवल का सियासी पारा चढ़ गया है और मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।


