समस्तीपुर में बढ रहे अपराध और अपराधियों की आधुनिक शैली को देखते हुए जिला पुलिस को दुरुस्त किया जा रहा है। कांडों की जल्द समीक्षा हो और अपराध होने पर पुलिस तुरंत पीड़ित तक पहुंचे, इसके लिए रोसड़ा के हसनपुर को पुलिस अनुमंडल बनाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। इसके साथ ही 9 नए पुलिस सर्किल के गठन का भी प्रस्ताव दिया गया है। पुलिस मुख्यालय से इसकी मंजूरी मिलती है, तो जिले में पुलिस की संरचना और कार्य क्षेत्र दोनों बदल जाएंगे। कांडों का अनुसंधान जल्द होगा। जिससे पीड़ित को न्याय भी जल्द मिलेगा। एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस नए बदलाव का मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और आम जनता को त्वरित न्याय दिलाना है। समस्तीपुर समेत पूरे राज्य में पुलिस के कार्य क्षेत्र का पुर्नगठन किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेजा गया है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इसकी मंजूरी मिलेगी। अभी जिले में मात्र सदर, मुफस्सिल, दलसिंहसराय, पटोरी, रोसड़ा और दलसिंहसराय पुलिस सर्किल है। 9 नया पुलिस सर्किल का प्रस्ताव एसपी ने बताया कि अभी जिले में पांच पुलिस सर्किल है। जिस कारण पुलिस पदाधिकारी के पास वर्क लोड काफी है। कांडों के अनुसंधान में भी देरी हो रही है। जिसको देखते हुए ताजपुर, मुसरीघरारी, उजियारपुर, कल्याणपुर, वारिसनगर, मोहिउद्दीननगर, विद्यापतिनगर, विभूतिपुर और हसनपुर को भी नया सर्किल बनाया जाएगा। इससे सर्किलों की कुल संख्या बढ़कर 14 हो जाएगी। ताजपुर, मुसरीघरारी, उजियारपुर, कल्याणपुर, वारिसनगर, मोहिउद्दीननगर, विद्यापतिनगर, विभूतिपुर और हसनपुर को इंस्पेक्टर लेवर थाना के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। इन थानों में अब दरोगा नहीं इंस्पेक्टर स्तर के पदाधिकारी थानाध्यक्ष होंगे। इससे न केवल अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार नहीं होगा, बल्कि केसों का निपटारा भी तेजी से हो सकेगा। हसनपुर को पुलिस अनुमंडल बनाने का प्रस्ताव एसपी ने बताया कि रोसड़ा बड़ा अनुमंडल है। इसका कार्य क्षेत्र काफी बड़ा है। जिसको देखते हुए रोसड़ा में एक और डीएसपी के पद का प्रस्ताव दिया गया है। जिसका मुख्यालय हसनपुर करने की बात है। जिससे पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों का संतुलन बना रहेगा। हसनपुर, बिथान, लरझाघाट आदि थाना क्षेत्रों में घटना होने पर पुलिस के वरीय पदाधिकारी मौके पर तुरंत पहुंच पाएंगे। पुनर्गठन का एक प्रमुख उद्देश्य पुलिस अधिकारियों पर से काम के बोझ को कम करना है। आबादी बढ़ने के बावजूद लंबे समय से अंचलों की संख्या सीमित थी। नए ढांचे के तहत प्रत्येक अंचल का भौगोलिक क्षेत्र, थानों की संख्या और जनसंख्या को संतुलित रखा गया है, ताकि पुलिसिंग अधिक केंद्रित और प्रभावी हो सके। इस नए ढांचे में अपराध नियंत्रण, गश्ती व्यवस्था और अनुसंधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यालय से हरी झंडी मिलते ही सभी नए अंचलों में निरीक्षकों की तैनाती कर दी जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर शिकायतों का समाधान भी तेजी से होगा। समस्तीपुर में बढ रहे अपराध और अपराधियों की आधुनिक शैली को देखते हुए जिला पुलिस को दुरुस्त किया जा रहा है। कांडों की जल्द समीक्षा हो और अपराध होने पर पुलिस तुरंत पीड़ित तक पहुंचे, इसके लिए रोसड़ा के हसनपुर को पुलिस अनुमंडल बनाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। इसके साथ ही 9 नए पुलिस सर्किल के गठन का भी प्रस्ताव दिया गया है। पुलिस मुख्यालय से इसकी मंजूरी मिलती है, तो जिले में पुलिस की संरचना और कार्य क्षेत्र दोनों बदल जाएंगे। कांडों का अनुसंधान जल्द होगा। जिससे पीड़ित को न्याय भी जल्द मिलेगा। एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस नए बदलाव का मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और आम जनता को त्वरित न्याय दिलाना है। समस्तीपुर समेत पूरे राज्य में पुलिस के कार्य क्षेत्र का पुर्नगठन किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेजा गया है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इसकी मंजूरी मिलेगी। अभी जिले में मात्र सदर, मुफस्सिल, दलसिंहसराय, पटोरी, रोसड़ा और दलसिंहसराय पुलिस सर्किल है। 9 नया पुलिस सर्किल का प्रस्ताव एसपी ने बताया कि अभी जिले में पांच पुलिस सर्किल है। जिस कारण पुलिस पदाधिकारी के पास वर्क लोड काफी है। कांडों के अनुसंधान में भी देरी हो रही है। जिसको देखते हुए ताजपुर, मुसरीघरारी, उजियारपुर, कल्याणपुर, वारिसनगर, मोहिउद्दीननगर, विद्यापतिनगर, विभूतिपुर और हसनपुर को भी नया सर्किल बनाया जाएगा। इससे सर्किलों की कुल संख्या बढ़कर 14 हो जाएगी। ताजपुर, मुसरीघरारी, उजियारपुर, कल्याणपुर, वारिसनगर, मोहिउद्दीननगर, विद्यापतिनगर, विभूतिपुर और हसनपुर को इंस्पेक्टर लेवर थाना के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। इन थानों में अब दरोगा नहीं इंस्पेक्टर स्तर के पदाधिकारी थानाध्यक्ष होंगे। इससे न केवल अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार नहीं होगा, बल्कि केसों का निपटारा भी तेजी से हो सकेगा। हसनपुर को पुलिस अनुमंडल बनाने का प्रस्ताव एसपी ने बताया कि रोसड़ा बड़ा अनुमंडल है। इसका कार्य क्षेत्र काफी बड़ा है। जिसको देखते हुए रोसड़ा में एक और डीएसपी के पद का प्रस्ताव दिया गया है। जिसका मुख्यालय हसनपुर करने की बात है। जिससे पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों का संतुलन बना रहेगा। हसनपुर, बिथान, लरझाघाट आदि थाना क्षेत्रों में घटना होने पर पुलिस के वरीय पदाधिकारी मौके पर तुरंत पहुंच पाएंगे। पुनर्गठन का एक प्रमुख उद्देश्य पुलिस अधिकारियों पर से काम के बोझ को कम करना है। आबादी बढ़ने के बावजूद लंबे समय से अंचलों की संख्या सीमित थी। नए ढांचे के तहत प्रत्येक अंचल का भौगोलिक क्षेत्र, थानों की संख्या और जनसंख्या को संतुलित रखा गया है, ताकि पुलिसिंग अधिक केंद्रित और प्रभावी हो सके। इस नए ढांचे में अपराध नियंत्रण, गश्ती व्यवस्था और अनुसंधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यालय से हरी झंडी मिलते ही सभी नए अंचलों में निरीक्षकों की तैनाती कर दी जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर शिकायतों का समाधान भी तेजी से होगा।


