नवादा में महिला दिवस पर कार्यक्रम:अस्पतालों में प्रसूताओं को साड़ियां-कपड़े बांटे, महिला डॉक्टरों को किया सम्मानित, फाउंडेशन ने दिया सशक्तिकरण का संदेश

नवादा में महिला दिवस पर कार्यक्रम:अस्पतालों में प्रसूताओं को साड़ियां-कपड़े बांटे, महिला डॉक्टरों को किया सम्मानित, फाउंडेशन ने दिया सशक्तिकरण का संदेश

नवादा जिले में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नूतन उदय फाउंडेशन ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान फाउंडेशन की टीम ने सदर अस्पताल और विभिन्न निजी अस्पतालों में नवजात शिशुओं की माताओं को साड़ियां, कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की। साथ ही, महिला डॉक्टरों को सम्मानित कर महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया। फाउंडेशन की संचालिका प्रगति श्रीवास्तव के नेतृत्व में यह पहल की गई। सामग्री वितरण के समय अस्पताल प्रबंधकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया। प्रसूताओं ने सहायता प्राप्त कर संतुष्टि व्यक्त की और महसूस किया कि समाज उनके साथ खड़ा है। महिला डॉक्टरों के योगदान की सराहना
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा महिला चिकित्सकों को सम्मानित करना था। फाउंडेशन के सदस्यों ने महिला डॉक्टरों के योगदान की सराहना की और समाज में महिलाओं की क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया। यह सम्मान महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर संचालिका प्रगति श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाएं पुरुषों से किसी भी मायने में कमजोर नहीं हैं। उन्होंने जोर दिया कि आज महिलाएं आत्मनिर्भर हैं और अन्य महिलाओं की सहायता के लिए आगे आ रही हैं। फाउंडेशन की सचिव संध्या सिंह ने 35% आरक्षण का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार महिलाओं की आवाज सुन रही है। महिलाओं को मिला मंच समाज में सकारात्मक बदलाव
उन्होंने कहा कि यह आरक्षण महिलाओं को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार देता है और फाउंडेशन इस अधिकार के बारे में महिलाओं को जागरूक कर रहा है। ज्योति राय ने टिप्पणी की कि महिलाओं को मिला मंच समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। यह आयोजन देर शाम को इसलिए चुना गया ताकि महिला दिवस का संदेश अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंच सके और वे जागरूक हो सकें। नूतन उदय फाउंडेशन ने भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्य जारी रखने का संकल्प लिया है, जैसा कि उन्होंने पहले वृद्धाश्रम में होली मिलन और सामग्री वितरण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से किया है। इस कार्यक्रम में विधायक विनीता मेहता, डॉक्टर स्वीटी कुमारी, सदर अस्पताल के प्रबंधक कुमार आदित्य और डॉ. संध्या सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने महिला दिवस पर सशक्तिकरण का बड़ा संदेश दिया। सशक्तिकरण की असली ताकत सेवा और एकता
यह कार्यक्रम केवल एक दिन की घटना नहीं, बल्कि नूतन उदय फाउंडेशन की निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक है। फाउंडेशन पहले भी वृद्धाश्रम में होली मिलन, सामग्री वितरण जैसी गतिविधियां कर चुका है। सदस्याओं ने संकल्प लिया कि आगे भी ऐसे कार्य जारी रहेंगे। इससे भी बड़ा कार्यक्रम होगा। नूतन उदय फाउंडेशन की यह पहल बताती है कि जब महिलाएं एकजुट होती हैं, तो वे न केवल खुद मजबूत बनती हैं, बल्कि समाज की हर कमजोर कड़ी को सहारा देती हैं। प्रगति श्रीवास्तव और उनकी टीम ने साबित किया कि सशक्तिकरण की असली ताकत सेवा और एकता में है। नवादा की यह पहल पूरे बिहार के लिए प्रेरणा बनेगी। महिलाएं जब आगे बढ़ती हैं, तो पूरा समाज ऊंचाइयों को छूता है। नवादा जिले में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नूतन उदय फाउंडेशन ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान फाउंडेशन की टीम ने सदर अस्पताल और विभिन्न निजी अस्पतालों में नवजात शिशुओं की माताओं को साड़ियां, कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की। साथ ही, महिला डॉक्टरों को सम्मानित कर महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया। फाउंडेशन की संचालिका प्रगति श्रीवास्तव के नेतृत्व में यह पहल की गई। सामग्री वितरण के समय अस्पताल प्रबंधकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया। प्रसूताओं ने सहायता प्राप्त कर संतुष्टि व्यक्त की और महसूस किया कि समाज उनके साथ खड़ा है। महिला डॉक्टरों के योगदान की सराहना
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा महिला चिकित्सकों को सम्मानित करना था। फाउंडेशन के सदस्यों ने महिला डॉक्टरों के योगदान की सराहना की और समाज में महिलाओं की क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया। यह सम्मान महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर संचालिका प्रगति श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाएं पुरुषों से किसी भी मायने में कमजोर नहीं हैं। उन्होंने जोर दिया कि आज महिलाएं आत्मनिर्भर हैं और अन्य महिलाओं की सहायता के लिए आगे आ रही हैं। फाउंडेशन की सचिव संध्या सिंह ने 35% आरक्षण का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार महिलाओं की आवाज सुन रही है। महिलाओं को मिला मंच समाज में सकारात्मक बदलाव
उन्होंने कहा कि यह आरक्षण महिलाओं को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार देता है और फाउंडेशन इस अधिकार के बारे में महिलाओं को जागरूक कर रहा है। ज्योति राय ने टिप्पणी की कि महिलाओं को मिला मंच समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। यह आयोजन देर शाम को इसलिए चुना गया ताकि महिला दिवस का संदेश अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंच सके और वे जागरूक हो सकें। नूतन उदय फाउंडेशन ने भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्य जारी रखने का संकल्प लिया है, जैसा कि उन्होंने पहले वृद्धाश्रम में होली मिलन और सामग्री वितरण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से किया है। इस कार्यक्रम में विधायक विनीता मेहता, डॉक्टर स्वीटी कुमारी, सदर अस्पताल के प्रबंधक कुमार आदित्य और डॉ. संध्या सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने महिला दिवस पर सशक्तिकरण का बड़ा संदेश दिया। सशक्तिकरण की असली ताकत सेवा और एकता
यह कार्यक्रम केवल एक दिन की घटना नहीं, बल्कि नूतन उदय फाउंडेशन की निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक है। फाउंडेशन पहले भी वृद्धाश्रम में होली मिलन, सामग्री वितरण जैसी गतिविधियां कर चुका है। सदस्याओं ने संकल्प लिया कि आगे भी ऐसे कार्य जारी रहेंगे। इससे भी बड़ा कार्यक्रम होगा। नूतन उदय फाउंडेशन की यह पहल बताती है कि जब महिलाएं एकजुट होती हैं, तो वे न केवल खुद मजबूत बनती हैं, बल्कि समाज की हर कमजोर कड़ी को सहारा देती हैं। प्रगति श्रीवास्तव और उनकी टीम ने साबित किया कि सशक्तिकरण की असली ताकत सेवा और एकता में है। नवादा की यह पहल पूरे बिहार के लिए प्रेरणा बनेगी। महिलाएं जब आगे बढ़ती हैं, तो पूरा समाज ऊंचाइयों को छूता है।  

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