समस्तीपुर में यातायात पुलिस ने रेलवे परिक्षेत्र स्थित पीएम केंद्रीय विद्यालय में यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यातायात डीएसपी आशीष कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में यातायात इंस्पेक्टर सुनील कांत समेत पुलिस पदाधिकारी ने भाग लिया। बच्चों को यातायात के नियमों के बारे में जागरूक किया गया। ट्रैफिक डीएसपी आशीष कुमार ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग में से कई ऐसे बच्चे होंगे जिन्हें बाइक चलाना आ गया होगा। लेकिन आपकी उम्र अभी 18 साल की नहीं हुई है, इसलिए बाइक चलाना आपके लिए अपराध है। अगर आप बाइक चलाते भी हैं तो अपने गली मोहल्ले में ही सीमित रहें । मुख्य सड़क पर आपका बाइक चलाना नियम के अनुरूप नहीं है। ऐसी स्थिति में आप पकड़े जा सकते हैं और आपको जुर्माना हो सकता है । यहां तक की जेल भी हो सकती है। दुर्घटना के बाद बच्चों को गोल्डन आवर की भी जानकारी दी यातायात डीएसपी आशीष कुमार, इंस्पेक्टर सुनील कांत ने दुर्घटना के बाद गोल्डन आवर की जानकारी बच्चों को दी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना होने के बाद का एक घंटा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के लिए गोल्डन आवर होता है। इस आवर में सही उपचार और सही समय पर हो तो दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को बचाया जा सकता है। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि कहीं भी अगर ऐसी स्थिति बनें, तो अपने अभिभावकों के माध्यम से तुरंत दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सहायता पहुंचावें। इस दौरान स्कूल के प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार सुमित और शिक्षक भी मौजूद थे। समस्तीपुर में यातायात पुलिस ने रेलवे परिक्षेत्र स्थित पीएम केंद्रीय विद्यालय में यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यातायात डीएसपी आशीष कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में यातायात इंस्पेक्टर सुनील कांत समेत पुलिस पदाधिकारी ने भाग लिया। बच्चों को यातायात के नियमों के बारे में जागरूक किया गया। ट्रैफिक डीएसपी आशीष कुमार ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग में से कई ऐसे बच्चे होंगे जिन्हें बाइक चलाना आ गया होगा। लेकिन आपकी उम्र अभी 18 साल की नहीं हुई है, इसलिए बाइक चलाना आपके लिए अपराध है। अगर आप बाइक चलाते भी हैं तो अपने गली मोहल्ले में ही सीमित रहें । मुख्य सड़क पर आपका बाइक चलाना नियम के अनुरूप नहीं है। ऐसी स्थिति में आप पकड़े जा सकते हैं और आपको जुर्माना हो सकता है । यहां तक की जेल भी हो सकती है। दुर्घटना के बाद बच्चों को गोल्डन आवर की भी जानकारी दी यातायात डीएसपी आशीष कुमार, इंस्पेक्टर सुनील कांत ने दुर्घटना के बाद गोल्डन आवर की जानकारी बच्चों को दी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना होने के बाद का एक घंटा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के लिए गोल्डन आवर होता है। इस आवर में सही उपचार और सही समय पर हो तो दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को बचाया जा सकता है। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि कहीं भी अगर ऐसी स्थिति बनें, तो अपने अभिभावकों के माध्यम से तुरंत दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सहायता पहुंचावें। इस दौरान स्कूल के प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार सुमित और शिक्षक भी मौजूद थे।


