चंडी नगर पंचायत में सशक्त स्थायी समिति के चुनाव 18 अप्रैल को होंगे। प्रशासन ने इन चुनावों के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. अनूपा कुमारी ने शुक्रवार शाम को बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 18 अप्रैल को सुबह 8 बजे से 11 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक मतदान होगा, जिसके बाद 3 बजे से 4 बजे तक मतगणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मतगणना के उपरांत, शाम 4 बजे से 5 बजे तक निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। चंडी नगर पंचायत में सशक्त स्थायी समिति के लिए कुल तीन सदस्यों का चुनाव होना है। जिला प्रशासन ने इन चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए संबंधित पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी है। चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ ही सशक्त स्थायी समिति के गठन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। बदली हुई चुनावी व्यवस्था के कारण अब मुख्य पार्षद की भूमिका सीमित हो गई है। समिति का गठन पार्षदों के वोट से होगा, जिससे सत्ता संतुलन पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। पहले मुख्य पार्षद अपने स्तर पर समिति के सदस्यों का चयन करते थे, लेकिन अब पार्षदों के मतदान से तीन सदस्य चुने जाएंगे। यह बदलाव पारदर्शिता और लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है। सशक्त स्थायी समिति को नगर पंचायत का ‘मिनी कैबिनेट’ माना जाता है। यह समिति विकास योजनाओं की स्वीकृति, वित्तीय फैसलों और प्रशासनिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चंडी नगर पंचायत में सशक्त स्थायी समिति के चुनाव 18 अप्रैल को होंगे। प्रशासन ने इन चुनावों के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. अनूपा कुमारी ने शुक्रवार शाम को बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 18 अप्रैल को सुबह 8 बजे से 11 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक मतदान होगा, जिसके बाद 3 बजे से 4 बजे तक मतगणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मतगणना के उपरांत, शाम 4 बजे से 5 बजे तक निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। चंडी नगर पंचायत में सशक्त स्थायी समिति के लिए कुल तीन सदस्यों का चुनाव होना है। जिला प्रशासन ने इन चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए संबंधित पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी है। चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ ही सशक्त स्थायी समिति के गठन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। बदली हुई चुनावी व्यवस्था के कारण अब मुख्य पार्षद की भूमिका सीमित हो गई है। समिति का गठन पार्षदों के वोट से होगा, जिससे सत्ता संतुलन पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। पहले मुख्य पार्षद अपने स्तर पर समिति के सदस्यों का चयन करते थे, लेकिन अब पार्षदों के मतदान से तीन सदस्य चुने जाएंगे। यह बदलाव पारदर्शिता और लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है। सशक्त स्थायी समिति को नगर पंचायत का ‘मिनी कैबिनेट’ माना जाता है। यह समिति विकास योजनाओं की स्वीकृति, वित्तीय फैसलों और प्रशासनिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


