बड़वानी जिले के ठीकरी नगर में रविवार को संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस मौके पर समाज के लोगों ने एक भव्य शोभायात्रा निकाली, जिसमें युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शोभायात्रा की शुरुआत थाना परिसर स्थित शिव मंदिर से हुई। बैंड-बाजों की धुन और भजनों के बीच यह यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी और मोती नगर स्थित सभा स्थल पर जाकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान पूरा नगर भक्ति के रंग में डूबा नजर आया। सभा स्थल पर समाजजनों और अतिथियों ने संत रविदास जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। कर्म और विचारों से महान बनता है मनुष्य कार्यक्रम में वक्ता मधु धनगर ने कहा कि संत रविदास जी का जीवन हमें सिखाता है कि मनुष्य की पहचान उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके कर्म, विचार और चरित्र से होती है। उन्होंने उस दौर में छुआछूत और ऊंच-नीच का विरोध कर समाज को नई दिशा दी। उनका प्रसिद्ध संदेश ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ आज भी हमें सिखाता है कि अगर मन पवित्र है, तो सामान्य काम भी ईश्वर की भक्ति के समान है। सेवा और समरसता का दिया संदेश सभा के दौरान बताया गया कि संत रविदास जी के समानता के विचारों को आज सेवा कार्यों के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक समरसता को केवल नारों तक सीमित न रखकर इसे व्यवहार में उतारना जरूरी है। देशभर में वंचित और पिछड़े वर्गों के लिए चलाए जा रहे शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रकल्प इसी सेवा भावना का उदाहरण हैं, जहां बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद की मदद की जाती है।


