कटिहार में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर तीन दिवसीय कार्यक्रम का भव्य समापन शोभायात्रा के साथ हुआ। अध्यात्म चेतना मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 3500 श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा अग्रसेन भवन परिसर से शुरू होकर पूरे शहर का भ्रमण करते हुए यज्ञशाला मैदान में संपन्न हुई। शोभायात्रा में शामिल भक्त हाथों में हनुमान जी के निशान लिए “जय श्री राम” के जयघोष करते हुए आगे बढ़ रहे थे। इस दौरान महिलाएं भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लेती दिखीं। बजरंग बली की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। रंग-बिरंगी पगड़ियों में सजे भक्तों ने उत्सव का आनंद लिया। शोभायात्रा के आगे ढाक की थाप पर श्रद्धालु नृत्य करते हुए चल रहे थे। भव्य श्रृंगार कर अलौकिक दरबार सजाया गया तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। इनमें राम कथा, सामूहिक सुंदरकांड पाठ और 101 घंटे की अखंड ज्योति शामिल थी। हनुमान जी को छप्पन भोग अर्पित किया गया और उनका भव्य श्रृंगार कर अलौकिक दरबार सजाया गया। शरबत और पेयजल की व्यवस्था की गई थी शहर के चौक-चौराहों पर श्रद्धालुओं के लिए शरबत और पेयजल की व्यवस्था की गई थी। शोभायात्रा के समापन पर भक्तों ने हनुमान मंदिर पहुंचकर संकट मोचन को निशान अर्पित किए। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में अध्यात्म चेतना मंच के पदाधिकारियों और सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कटिहार में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर तीन दिवसीय कार्यक्रम का भव्य समापन शोभायात्रा के साथ हुआ। अध्यात्म चेतना मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 3500 श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा अग्रसेन भवन परिसर से शुरू होकर पूरे शहर का भ्रमण करते हुए यज्ञशाला मैदान में संपन्न हुई। शोभायात्रा में शामिल भक्त हाथों में हनुमान जी के निशान लिए “जय श्री राम” के जयघोष करते हुए आगे बढ़ रहे थे। इस दौरान महिलाएं भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लेती दिखीं। बजरंग बली की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। रंग-बिरंगी पगड़ियों में सजे भक्तों ने उत्सव का आनंद लिया। शोभायात्रा के आगे ढाक की थाप पर श्रद्धालु नृत्य करते हुए चल रहे थे। भव्य श्रृंगार कर अलौकिक दरबार सजाया गया तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। इनमें राम कथा, सामूहिक सुंदरकांड पाठ और 101 घंटे की अखंड ज्योति शामिल थी। हनुमान जी को छप्पन भोग अर्पित किया गया और उनका भव्य श्रृंगार कर अलौकिक दरबार सजाया गया। शरबत और पेयजल की व्यवस्था की गई थी शहर के चौक-चौराहों पर श्रद्धालुओं के लिए शरबत और पेयजल की व्यवस्था की गई थी। शोभायात्रा के समापन पर भक्तों ने हनुमान मंदिर पहुंचकर संकट मोचन को निशान अर्पित किए। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में अध्यात्म चेतना मंच के पदाधिकारियों और सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


