भास्कर न्यूज | जालंधर ईजी रजिस्ट्रेशन के तहत सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में लागू फर्स्ट इन-फर्स्ट आउट टोकन सिस्टम दूसरे दिन भी लोगों के लिए आफत बना। नई व्यवस्था के नाम पर जहां पारदर्शिता का दावा किया जा रहा है, वहीं जमीनी हकीकत यह है कि आम आदमी को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मंगलवार को दूसरे दिन भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में सुबह से ही लोगों की भीड़ नजर आई। टोकन मिलने के बावजूद लोगों को डीड रजिस्ट्रेशन, फीड और प्रिंट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। कई लोग तो दोपहर बाद तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे। नई व्यवस्था पर अधिकारियों का कहना है कि यह नया बदलाव चंडीगढ़ हेड अॉफिस से हुआ है। इसमें लोगों की परेशानी को दूर करने के लिए भी रिव्यू किया जा रहा है। लोकल स्तर पर इसमें किसी तरह का संशोधन या ढील देने का अधिकार उन्हें नहीं है। सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में नया टोकन सिस्टम लागू होने के बाद डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन के लिए लगी रही लोगों की भीड़ (इनसेट) लोगों का इंतजार करते जेएसआर जगतार। लोगों का कहना है कि टोकन सिस्टम लागू होने के बावजूद काम की रफ्तार बेहद धीमी है। हर स्तर पर देरी हो रही है। पहले फोटो, फिर दस्तावेजों की जांच और उसके बाद रजिस्ट्री फीड, हर प्रक्रिया में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। नई व्यवस्था से आम जनता ही नहीं, डीड राइटर और वकील भी परेशान हैं। पहले तय समय में काम निपट जाता था, लेकिन अब घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। लोगों ने कहा कि रेवेन्यू विभाग के अधिकारी और सरकार इस नई व्यवस्था को सुधारने के लिए काम करें। लोगों ने कहा कि जब सिस्टम पूरी तरह तैयार नहीं था, तो उसे लागू क्यों किया गया। अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में हालात और बिगड़ सकते हैं। फिलहाल कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।


