एक तरफ पुलिस कमिश्नर हर थाने की साइबर सेल को मजबूत करने का दावा कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ एक फरियादी 25 दिन से तेजाजी नगर और भंवरकुआं थानों के बीच झूल रहा है। कारण सिर्फ इतना है कि साइबर हेल्पलाइन सेंटर ने आधार कार्ड का एड्रेस लेकर केस दर्ज कर दिया। जबकि घटना फरियादी के वर्तमान पते पर हुई थी। इसी गफलत में दो बार केस ट्रांसफर कर दिया गया। 3 मिनट में दो अकाउंट से 11 ट्रांजेक्शन
घटना 27 दिसंबर 2025 को संजय देवंडे के साथ हुई। बुधवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे संजय ने बताया कि उनके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हुआ। आरोपी ने उनके मोबाइल, यूपीआई सुविधा और बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग किया है। घटना वाली शाम 7:42 से 7:45 बजे के बीच उनके दो अकाउंट से 11 बार ट्रांजेक्शन हुए। इस दौरान उनके दोनों अकाउंट से करीब 9.83 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर हो गए। उन्होंने इसकी शिकायत 1930 साइबर क्राइम की हेल्पलाइन पर की। वहां से ई-एफआईआर हुई और केस भंवरकुआं थाने पर ट्रांसफर हुआ। यहां एक सब इंस्पेक्टर ने उनका एड्रेस मुंडला नायता देखा। यह कहते हुए कि उनका घर का पता तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में आता है, केस फिर भोपाल ट्रांसफर कर दिया। जबकि उन्होंने दलील दी कि मेरा वर्तमान पता स्कंद धाम है जो आपके थाना क्षेत्र में है। वेरिफिकेशन के बाद भेजा : इसके बाद उनका केस तेजाजी नगर थाने पहुंचा। टीआई ने केस ले लिया, लेकिन जब उनका एड्रेस पूछा तो उन्होंने बताया कि वे पहले मुंडला नायता रहते थे। अब वे पालदा इलाके की स्कंद धाम कॉलोनी में रहते हैं। इसके बाद टीआई ने फिर से उनका केस भोपाल भेजा। जांच में फर्क पड़ता
तेजाजी नगर थाना टीआई देवेंद्र मरका का कहना है क संजय देवंडे का केस हमारे थाने पर आया था। हमने उसे अपने यहां ले लिया था, क्योंकि भोपाल से आई एफआईआर में उसका एड्रेस मुंडला नायता था, जो हमारे यहां का था। जब फरियादी से उसका एड्रेस पूछा तो उसने पालदा इलाके का बताया। जिन अकाउंट में पैसा गया है, उसकी जांच शुरू हो चुकी है। एफआईआर भी दर्ज हो चुकी, लेकिन इन्वेस्टिगेशन में एड्रेस लोकेशन की गलती न हो, इसलिए उसे भंवरकुआं थाने भेजा गया है।


