किशनगंज मंडल जेल में शनिवार देर शाम एक सजायाफ्ता बंदी कैलाश कामती (60) की मौत हो गई। ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के मल्हाबारी निवासी कैलाश की तबीयत बिगड़ने पर उसे मंडल कारा से सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेल अधीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि कैलाश कामती शराबबंदी कानून के तहत दर्ज एक मामले में न्यायालय द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद जेल में बंद था। वह पहले से ही बीमार चल रहा था और उसका इलाज कराया जा रहा था। कुष्ठ रोग से था पीड़ित, हालत अचानक बिगड़ी
सदर अस्पताल के डॉक्टर कुमार गौरव ने पुष्टि की कि बंदी कुष्ठ रोग से ग्रसित था। शनिवार शाम को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम प्रक्रिया प्रशासनिक निगरानी में
मृतक के शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया जा रहा है। जिलाधिकारी विशाल राज के निर्देश पर किशनगंज सदर बीडीओ कर्मवीर की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न की जा रही है। परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक के बेटे दीपेश ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके पिता की तबीयत खराब होने पर समय पर उचित इलाज नहीं मिला। जब हालत ज्यादा बिगड़ गई, तब उन्हें अस्पताल लाया गया। दीपेश के अनुसार, पहले उन्हें पिता की तबीयत खराब होने की सूचना मिली और बाद में उनकी मौत की खबर मिली, जिसके बाद वे अस्पताल पहुंचे। किशनगंज मंडल जेल में शनिवार देर शाम एक सजायाफ्ता बंदी कैलाश कामती (60) की मौत हो गई। ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के मल्हाबारी निवासी कैलाश की तबीयत बिगड़ने पर उसे मंडल कारा से सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेल अधीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि कैलाश कामती शराबबंदी कानून के तहत दर्ज एक मामले में न्यायालय द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद जेल में बंद था। वह पहले से ही बीमार चल रहा था और उसका इलाज कराया जा रहा था। कुष्ठ रोग से था पीड़ित, हालत अचानक बिगड़ी
सदर अस्पताल के डॉक्टर कुमार गौरव ने पुष्टि की कि बंदी कुष्ठ रोग से ग्रसित था। शनिवार शाम को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम प्रक्रिया प्रशासनिक निगरानी में
मृतक के शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया जा रहा है। जिलाधिकारी विशाल राज के निर्देश पर किशनगंज सदर बीडीओ कर्मवीर की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न की जा रही है। परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक के बेटे दीपेश ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके पिता की तबीयत खराब होने पर समय पर उचित इलाज नहीं मिला। जब हालत ज्यादा बिगड़ गई, तब उन्हें अस्पताल लाया गया। दीपेश के अनुसार, पहले उन्हें पिता की तबीयत खराब होने की सूचना मिली और बाद में उनकी मौत की खबर मिली, जिसके बाद वे अस्पताल पहुंचे।


