आजमगढ़ के मंडलीय कारागार में हत्या के मामले में निरुद्ध बंदी की रविवार देर शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने मंडलीय अस्पताल पहुंचकर जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची कोतवाली की पुलिस परिजनों को समझा बुझाकर किसी तरह से शांत कराया। हत्या के मामले में जेल में बंद था कैदी
मुबारकपुर थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर गांव निवासी उग्रसेन सिंह 37 पिछले वर्ष दिसंबर माह में हत्या के मामले में जेल में निरुद्ध था। जेल प्रशासन के अनुसार उसने सुबह भोजन भी किया था। जेल के अधिकारियों ने बताया कि शाम के समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और ब्लड प्रेशर काफी नीचे चला गया। प्राथमिक उपचार के लिए उसे पहले जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। डेडबॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पाोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के घटना के कारणों का खुलासा हो सकेगा। उग्रसेन सिंह जिले के केशवपुर गांव के रहने वाले नगीना सिंह और उनके तीन बेटे हत्या के मामले में जेल में बंद थे। जिनमें उग्रसेन सिंह की आज मौत हो गई।


