पश्चिम चंपारण से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर बच्चों के मध्याह्न भोजन योजना का अनाज चोरी कर बेचने का गंभीर आरोप लगाया गया है। यह मामला गौनाहा प्रखंड के मझरिया पंचायत स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय बेलवा से संबंधित है। वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक मंजीत माझी कथित तौर पर शराब के नशे में थे। उन पर स्कूल से चावल की बोरी बाहर ले जाकर बेचने का प्रयास करने का आरोप है। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों को उनकी गतिविधियों पर संदेह हुआ। पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक को रोका और पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया, जिससे इलाके में व्यापक चर्चा और नाराजगी का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को मिलने वाला अनाज बेचकर सरकारी योजना को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक प्रशासन द्वारा नहीं की गई है। मामले की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, प्रशासन की ओर से जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। पश्चिम चंपारण से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर बच्चों के मध्याह्न भोजन योजना का अनाज चोरी कर बेचने का गंभीर आरोप लगाया गया है। यह मामला गौनाहा प्रखंड के मझरिया पंचायत स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय बेलवा से संबंधित है। वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक मंजीत माझी कथित तौर पर शराब के नशे में थे। उन पर स्कूल से चावल की बोरी बाहर ले जाकर बेचने का प्रयास करने का आरोप है। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों को उनकी गतिविधियों पर संदेह हुआ। पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक को रोका और पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया, जिससे इलाके में व्यापक चर्चा और नाराजगी का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को मिलने वाला अनाज बेचकर सरकारी योजना को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक प्रशासन द्वारा नहीं की गई है। मामले की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, प्रशासन की ओर से जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।


