लकड़ी-उपले के दाम स्थिर, मांग में बढ़ोतरी:इंडक्शन के स्टॉक खत्म होने के कगार पर; मुजफ्फरपुर में LPG संकट, वैकल्पिक साधनों की मांग बढ़ी

लकड़ी-उपले के दाम स्थिर, मांग में बढ़ोतरी:इंडक्शन के स्टॉक खत्म होने के कगार पर; मुजफ्फरपुर में LPG संकट, वैकल्पिक साधनों की मांग बढ़ी

मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और एलपीजी आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच देश के कई हिस्सों की तरह मुजफ्फरपुर में भी गैस सिलेंडर को लेकर लोगों में चिंता देखी जा रही है। कई जिलों में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और लोग सिलेंडर भरवाने के लिए पहुंच रहे हैं। शहर में लड़की-कोयले की मांग बढ़ी है। वहीं इंडक्शन के स्टॉक खत्म होने के कगार पर है। मुजफ्फरपुर में एलपीजी के विकल्प के रूप में जलावन की लकड़ी, गोबर के उपले, कोयला और इलेक्ट्रिक इंडक्शन का इस्तेमाल हो रहा है। मांग और कीमतों को लेकर पढ़िए पूरी रिपोर्ट… दुकान संचालकों से बातचीत में सामने आया कि फिलहाल इन चीजों की कीमतों में खास बढ़ोतरी नहीं हुई है, हालांकि मांग जरूर बढ़ी है। लकड़ी और उपले की कीमत स्थिर, मांग बढ़ी जिले के छाता चौक पर लकड़ी और गोबर के उपले बेचने वाली सरिता देवी बताती हैं कि अभी तक कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं हुई है। उनके अनुसार जलावन की लकड़ी ₹25 प्रति किलो के हिसाब से आसानी से उपलब्ध है, जबकि गोबर के उपले पहले की तरह ₹10 में तीन पीस मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों में गैस को लेकर कुछ ज्यादा ही चर्चा हो रही है, जबकि अभी बाजार में इन चीजों की कोई कमी नहीं है। अगर भविष्य में गैस की दिक्कत होती भी है तो सरकार इसकी व्यवस्था जरूर करेगी। कोयले की मांग में हल्की बढ़ोतरी शहर के मरीपुर इलाके में स्थित वर्मा कोल्ड डिपो के संचालक अविनाश प्रसाद वर्मा के मुताबिक फिलहाल कोयले के दाम में भी कोई खास बदलाव नहीं आया है। कोयला करीब ₹2000 प्रति क्विंटल के आसपास मिल रहा है। उन्होंने बताया कि उनके यहां मुख्य रूप से होटल संचालक और छोटे ढाबा चलाने वाले लोग कोयला खरीदने आते हैं। पहले जो ग्राहक 1 या 2 क्विंटल कोयला लेते थे, वे पिछले दो-तीन दिनों से थोड़ी ज्यादा मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं, जिससे मांग में हल्की बढ़ोतरी जरूर देखने को मिल रही है। इंडक्शन की बिक्री में तेज उछाल इलेक्ट्रिक इंडक्शन की मांग में भी अचानक तेजी आई है। शहर के इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में पिछले कुछ दिनों से ग्राहकों की संख्या बढ़ गई है। एक बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम के स्टाफ ने बताया कि इंडक्शन की बिक्री इतनी बढ़ गई है कि उनका स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है और लगातार ग्राहक इसकी मांग कर रहे हैं, हालांकि कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। दुकानों पर स्टॉक खत्म होने की स्थिति कलमबाग चौक स्थित आनंद सेल के स्टाफ मोहम्मद अफरोज के अनुसार पहले उनके यहां महीने भर में मुश्किल से 5–6 इंडक्शन बिकते थे, लेकिन अब स्थिति यह है कि रोजाना 7–8 ग्राहक इंडक्शन खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में बिक्री इतनी बढ़ी है कि दुकान का स्टॉक लगभग खत्म हो गया है। गैस सिलेंडर को लेकर बनी आशंकाओं के बीच लोग एहतियात के तौर पर वैकल्पिक साधनों की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि बाजार में अभी तक लकड़ी, उपले और कोयले की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन इंडक्शन जैसे इलेक्ट्रिक उपकरणों की मांग में तेजी साफ दिखाई दे रही। मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और एलपीजी आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच देश के कई हिस्सों की तरह मुजफ्फरपुर में भी गैस सिलेंडर को लेकर लोगों में चिंता देखी जा रही है। कई जिलों में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और लोग सिलेंडर भरवाने के लिए पहुंच रहे हैं। शहर में लड़की-कोयले की मांग बढ़ी है। वहीं इंडक्शन के स्टॉक खत्म होने के कगार पर है। मुजफ्फरपुर में एलपीजी के विकल्प के रूप में जलावन की लकड़ी, गोबर के उपले, कोयला और इलेक्ट्रिक इंडक्शन का इस्तेमाल हो रहा है। मांग और कीमतों को लेकर पढ़िए पूरी रिपोर्ट… दुकान संचालकों से बातचीत में सामने आया कि फिलहाल इन चीजों की कीमतों में खास बढ़ोतरी नहीं हुई है, हालांकि मांग जरूर बढ़ी है। लकड़ी और उपले की कीमत स्थिर, मांग बढ़ी जिले के छाता चौक पर लकड़ी और गोबर के उपले बेचने वाली सरिता देवी बताती हैं कि अभी तक कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं हुई है। उनके अनुसार जलावन की लकड़ी ₹25 प्रति किलो के हिसाब से आसानी से उपलब्ध है, जबकि गोबर के उपले पहले की तरह ₹10 में तीन पीस मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों में गैस को लेकर कुछ ज्यादा ही चर्चा हो रही है, जबकि अभी बाजार में इन चीजों की कोई कमी नहीं है। अगर भविष्य में गैस की दिक्कत होती भी है तो सरकार इसकी व्यवस्था जरूर करेगी। कोयले की मांग में हल्की बढ़ोतरी शहर के मरीपुर इलाके में स्थित वर्मा कोल्ड डिपो के संचालक अविनाश प्रसाद वर्मा के मुताबिक फिलहाल कोयले के दाम में भी कोई खास बदलाव नहीं आया है। कोयला करीब ₹2000 प्रति क्विंटल के आसपास मिल रहा है। उन्होंने बताया कि उनके यहां मुख्य रूप से होटल संचालक और छोटे ढाबा चलाने वाले लोग कोयला खरीदने आते हैं। पहले जो ग्राहक 1 या 2 क्विंटल कोयला लेते थे, वे पिछले दो-तीन दिनों से थोड़ी ज्यादा मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं, जिससे मांग में हल्की बढ़ोतरी जरूर देखने को मिल रही है। इंडक्शन की बिक्री में तेज उछाल इलेक्ट्रिक इंडक्शन की मांग में भी अचानक तेजी आई है। शहर के इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में पिछले कुछ दिनों से ग्राहकों की संख्या बढ़ गई है। एक बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम के स्टाफ ने बताया कि इंडक्शन की बिक्री इतनी बढ़ गई है कि उनका स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है और लगातार ग्राहक इसकी मांग कर रहे हैं, हालांकि कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। दुकानों पर स्टॉक खत्म होने की स्थिति कलमबाग चौक स्थित आनंद सेल के स्टाफ मोहम्मद अफरोज के अनुसार पहले उनके यहां महीने भर में मुश्किल से 5–6 इंडक्शन बिकते थे, लेकिन अब स्थिति यह है कि रोजाना 7–8 ग्राहक इंडक्शन खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में बिक्री इतनी बढ़ी है कि दुकान का स्टॉक लगभग खत्म हो गया है। गैस सिलेंडर को लेकर बनी आशंकाओं के बीच लोग एहतियात के तौर पर वैकल्पिक साधनों की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि बाजार में अभी तक लकड़ी, उपले और कोयले की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन इंडक्शन जैसे इलेक्ट्रिक उपकरणों की मांग में तेजी साफ दिखाई दे रही।  

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