Presidential Aler: मौसम के तल्ख तेवरों से लोग सहमे हुए हैं। आज सुबह से ही पूरे उत्तराखंड में झमाझम बारिश हो रही है। गुरुवार शाम से उत्तराखंड में बारिश का दौर शुरू हो गया था। आज सुबह बारिश से तेजी पकड़ ली थी। सुबह से समूचे राज्य में बारिश हो रही है। बदरीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री आदि धामों में बर्फबारी हो रही है। बारिश के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त चल रहा है। तेज अंधड़ के कारण पेड़ गिरने से कई पर्वतीय इलाकों में बिजली की लाइनें ध्वस्त हो चुकी हैं। इसके कारण दिन से ही बिजली आपूर्ति बाधित चल रही है। बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि के कारण ठंड में बेहद बढ़ोत्तरी हुई है। लोग अलाव और हीटर से राहत पाने में जुटे हुए हैं। इसी बीच आज शाम लोग मोबाइल फोन पर प्रेसिडेंसियल अलर्ट देख लोग चौक पड़े। प्रेसिडेंसियल अलर्ट के मुताबिक अगले 24 घंटों में बागेश्वर, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चंपावत और उत्तरकाशी के कुछ इलाकों में बारिश और 3000 मीटर ऊंचाई तक के इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। पहली बार साइरन वाला अलर्ट मैसेज देख लोग अचंभित हैं। उसके बाद लोग उस मैसेज के स्क्रीन शॉर्ट सोशल मीडिया में भी पोस्ट करने लगे थे।
जानें क्या है प्रेसिडेंसियल अलर्ट
उत्तराखंड में मौसम को लेकर पहली बार जारी हुए प्रेसिडेंसियल अलर्ट से लोग आशंकित हो उठे थे। बता दें कि प्रेसिडेंसियल अलर्ट पहली बार जारी हुआ है। ये भारत सरकार की कॉल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम (सीबीएस) का परीक्षण है। सीबीएस का प्रयोग सरकार भविष्य में बड़े आपातकाल के लिए करेगी। आज सीबीएस का परीक्षण सरकार ने उत्तराखंड में मौसम के लिए किया है। आज इस प्रकार के अलर्ट मैसेज इसलिए भेजे गए ताकि देखा जा सके कि आपदा के समय अलर्ट सही तरीके से लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। ये केवल परीक्षण था। बड़ी आपदा की स्थिति में ये मैसेज बगैर इंटरनेट के भी मोबाइल पर आ सकेंगे। फोन साइलेंट होने पर भी साइरन बजेगा। आज उत्तराखंड में कॉल ब्रॉडकास्टिंग की टेस्टिंग के लिए ये एसएमएस भेजे गए थे।


