राष्ट्रपति ने पूर्णिया डीएम अंशुल कुमार को किया सम्मानित:चुनाव को टीम भावना के साथ संचालित किया था, अव्यवस्था-तनाव की स्थिति नहीं हुई थी

राष्ट्रपति ने पूर्णिया डीएम अंशुल कुमार को किया सम्मानित:चुनाव को टीम भावना के साथ संचालित किया था, अव्यवस्था-तनाव की स्थिति नहीं हुई थी

बिहार विधानसभा चुनाव में इलेक्शन प्रबंधन सही से करने, निष्पक्षता और नवाचार के लिए पूर्णिया को देश स्तर पर उपलब्धि मिली है। भारत निर्वाचन आयोग ने पूर्णिया डीएम अंशुल कुमार को देश के प्रतिष्ठित बेस्ट डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन अवॉर्ड से नवाजा है। नई दिल्ली में आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर डीएम अंशुल कुमार को ये सम्मान नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों दिया गया। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आधिकारिक लेटर में उल्लेख किया गया था कि विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान पूर्णिया में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराए गए, जो देश के अन्य जिलों के लिए अनुकरणीय है। मतदाता जागरूकता बढ़ाने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने में जिले का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। चुनावी तंत्र को टीम भावना के साथ संचालित किया इस राष्ट्रीय उपलब्धि के पीछे डीएम अंशुल कुमार के सशक्त नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और प्रभावी चुनावी प्रबंधन को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। उन्होंने बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक पूरे चुनावी तंत्र को टीम भावना के साथ संचालित किया। अधिकारियों, कर्मियों और सहयोगी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय और अनुशासन का परिणाम रहा कि जिले में चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सका। चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की भूमिका भी सराहनीय रही। मीडिया के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक करने में प्रशासन को व्यापक सहयोग मिला। इसके साथ ही राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों के सकारात्मक सहयोग से किसी प्रकार की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। कर्तव्यनिष्ठा और सामूहिक प्रयासों का परिणाम अवॉर्ड हासिल करने के बाद डीएम अंशुल कुमार ने जिले के सभी पदाधिकारियों, निर्वाचन कर्मियों, सहयोगी संस्थाओं और समस्त जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह पुरस्कार टीमवर्क, समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी पूर्णिया जिला निर्वाचन व्यवस्था को और अधिक सशक्त, समावेशी और प्रभावी बनाने की दिशा में इसी प्रतिबद्धता के साथ काम करता रहेगा। ये सम्मान न केवल पूर्णिया जिले, बल्कि पूरे सीमांचल और बिहार राज्य के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि बेहतर नेतृत्व और सामूहिक प्रयास से कोई भी जिला राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। बिहार विधानसभा चुनाव में इलेक्शन प्रबंधन सही से करने, निष्पक्षता और नवाचार के लिए पूर्णिया को देश स्तर पर उपलब्धि मिली है। भारत निर्वाचन आयोग ने पूर्णिया डीएम अंशुल कुमार को देश के प्रतिष्ठित बेस्ट डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन अवॉर्ड से नवाजा है। नई दिल्ली में आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर डीएम अंशुल कुमार को ये सम्मान नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों दिया गया। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आधिकारिक लेटर में उल्लेख किया गया था कि विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान पूर्णिया में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराए गए, जो देश के अन्य जिलों के लिए अनुकरणीय है। मतदाता जागरूकता बढ़ाने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने में जिले का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। चुनावी तंत्र को टीम भावना के साथ संचालित किया इस राष्ट्रीय उपलब्धि के पीछे डीएम अंशुल कुमार के सशक्त नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और प्रभावी चुनावी प्रबंधन को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। उन्होंने बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक पूरे चुनावी तंत्र को टीम भावना के साथ संचालित किया। अधिकारियों, कर्मियों और सहयोगी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय और अनुशासन का परिणाम रहा कि जिले में चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सका। चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की भूमिका भी सराहनीय रही। मीडिया के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक करने में प्रशासन को व्यापक सहयोग मिला। इसके साथ ही राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों के सकारात्मक सहयोग से किसी प्रकार की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। कर्तव्यनिष्ठा और सामूहिक प्रयासों का परिणाम अवॉर्ड हासिल करने के बाद डीएम अंशुल कुमार ने जिले के सभी पदाधिकारियों, निर्वाचन कर्मियों, सहयोगी संस्थाओं और समस्त जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह पुरस्कार टीमवर्क, समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी पूर्णिया जिला निर्वाचन व्यवस्था को और अधिक सशक्त, समावेशी और प्रभावी बनाने की दिशा में इसी प्रतिबद्धता के साथ काम करता रहेगा। ये सम्मान न केवल पूर्णिया जिले, बल्कि पूरे सीमांचल और बिहार राज्य के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि बेहतर नेतृत्व और सामूहिक प्रयास से कोई भी जिला राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है।  

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