New York Mayor Zohran Mamdani on US-Israel-Iran War: ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद विश्व के कई देशों को ऊर्जा संकट से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में, जब यह युद्ध एक महीने से अधिक लंबा खिंच गया है, मध्य-पूर्व में शांति स्थापित करने और वार्ता के जरिए मसले के समाधान की मांग तेज हो गई है। ट्रंप प्रशासन को ना केवल घरेलू स्तर पर युद्ध को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि नाटो जैसे सहयोगी भी उनसे दूरी बनाते नजर आ रहे हैं। इन तमाम घटनाक्रमों के बीच न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने ईरान के साथ युद्ध को लेकर अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने इस युद्ध पर अरबों डॉलर खर्च करने की कड़े शब्दों में आलोचना की है।
भारी-भरकम खर्च खर्च पर उठाए सवाल
जोहरान ममदानी का तर्क है कि यह भारी-भरकम खर्च ऐसे समय में किया जा रहा है, जब अमेरिका ऐतिहासिक सामर्थ्य संकट (Affordability Crisis) से जूझ रहा है। ‘अल जजीरा’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यूट्यूबर ‘ब्रायन टायलर कोहेन’ से बातचीत में मेयर ममदानी ने कहा कि इस युद्ध का ‘हर स्तर पर विरोध किया जाना चाहिए।’ उन्होंने आगाह किया कि वॉशिंगटन द्वारा पूर्व में किए गए सत्ता परिवर्तन के हस्तक्षेपों के हमेशा विनाशकारी परिणाम रहे हैं।
ममदानी ने मध्य-पूर्व में सैन्य संघर्ष की वित्तीय लागत पर प्रकाश डालते हुए ट्रंप प्रशासन को घेरा और कहा कि इस पर अब तक 23 बिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च हो चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सैन्य खर्च को आम नागरिकों की जरूरतों से ऊपर क्यों प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा, ‘यह वह पैसा है जो कामकाजी अमेरिकियों के जीवन को बदल सकता था-चाहे वह मेडिकेयर में निवेश हो, शिक्षकों के लिए संसाधन जुटाना हो या छात्र ऋण को पूरी तरह समाप्त करना हो।’
अमेरिका में गैस की कीमतों में आई तेजी
वहीं, घरेलू स्तर पर घिरते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान समाप्त होने के बाद घरेलू गैस की कीमतों में तेजी से गिरावट आएगी। ओवल ऑफिस से बोलते हुए राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि संघर्ष की समाप्ति अमेरिकी वाहन चालकों को आर्थिक राहत प्रदान करेगी। पेट्रोल पंप पर लागत कम करने की विशिष्ट योजना के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “मुझे बस ईरान से निकलना है, और हम बहुत जल्द ऐसा करेंगे।” राष्ट्रपति का यह आशावादी दृष्टिकोण ऐसे समय में आया है, जब घरेलू ईंधन की लागत 2022 के बाद पहली बार 4 अमेरिकी डॉलर प्रति गैलन से अधिक हो गई है।


