कैथल में जिला प्रशासन गर्मियों के सीजन में होने वाली पेयजल की समस्या से निपटने की तैयारियों में जुट गया है। इसे लेकर डीसी अपराजिता ने प्यौदा रोड स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। डीसी ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के दृष्टिगत पेयजल आपूर्ति को लेकर कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में गुणवत्तापूर्वक पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करें। लीकेज ठीक करवाने के आदेश जल घर में उन्होंने सबसे पहले स्टोरेज टैंक का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने पानी को शुद्ध करने की पूरी प्रक्रिया की बारीकी से जानकारी हासिल की। जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता कृष्ण कुमार एवं कार्यकारी अभियंता अभिषेक शेर ने पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। इसके बाद डीसी ने मैप पर पूरे शहर में जलापूर्ति की पूरी प्रक्रिया को समझा और कहा कि शहर के किसी भी हिस्से में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है। इसीलिए विभागीय अधिकारी जहां भी जरूरत हो, वहां मरम्मत का कार्य पूरा करें। लीकेज ठीक करवाएं। पेयजल में किसी भी तरह की गंदगी न हो। पानी की गुणवत्ता जांच करने के निर्देश डीसी अपराजिता ने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए नागरिकों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी जलघरों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान डीसी ने पानी की गुणवत्ता की जांच करने के भी निर्देश दिए और कहा कि नियमित रूप से पानी के सैंपल लिए जाएं। दो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शहर में दो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट है, जोकि प्यौदा रोड स्थित तथा दूसरा मानस रोड पर स्थित है। प्यौदा रोड स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 20 एमएलडी है तथा मानस रोड स्थित प्लांट की क्षमता 13 एमएलडी है। कैथल में 16 बूस्टर तथा 40 पंपों के माध्यम से निर्बाध रूप से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। पेयजल आपूर्ति समुचित रूप से चलाने के लिए शहर में 90 किलोमीटर पुरानी लाइन को बदला जाएगा, जिस पर लगभग 5 करोड़ रुपए की धनराशि खर्च आएगी। जिले में दो पानी जांच लैब हैं, जोकि एक कैथल तथा दूसरी चीका में है।


