अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद द्वारा 15 मार्च 2026 को आगरा में राष्ट्रीय अधिवेशन, विवाह योग्य वैश्य युवक-युवती परिचय सम्मेलन और अभिनंदन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस भव्य कार्यक्रम की तैयारियां तेज हो गई हैं। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमंत गुप्ता ने हाल ही में कुरावली पहुंचकर वैश्य समाज के लोगों के साथ बैठक की और उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया। डॉ. सुमंत गुप्ता ने बताया कि यह कार्यक्रम 15 मार्च, रविवार को सुबह 11 बजे से आर.बी. रावत रिसोर्ट, आगरा रोड, कागारौल (आगरा) में होगा। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वैश्य समाज को एक मंच पर संगठित करना, विवाह योग्य युवक-युवतियों को परिचय का अवसर प्रदान करना और समाज के विशिष्ट व्यक्तियों का सम्मान करना है। अधिवेशन में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल, राकेश गर्ग, विधायक शिवहरे सहित कई मंत्री, विधायक और समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल होंगे। डॉ. सुमंत गुप्ता के अनुसार, राष्ट्रीय अधिवेशन में सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विषयों से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इनमें वैश्य समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी और भागीदारी बढ़ाने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में व्यापारी समाज का सबसे बड़ा योगदान है, फिर भी राजनीति में उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है। परिषद की ओर से यह भी मांग की जाएगी कि विधान परिषद में शिक्षकों की तरह ही, जीएसटी, आयकर, एक्साइज और अन्य करों के माध्यम से सरकार को राजस्व देने वाले व्यापारियों के लिए भी 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएं। इसका उद्देश्य विधान परिषद में व्यापारियों की आवाज को मजबूती से उठाना है। अधिवेशन में सामाजिक सुधारों से जुड़े कई प्रस्ताव भी रखे जाएंगे। इनमें समाज में बढ़ते तलाक के मामलों को रोकने, परिवारों में संवाद और समरसता बढ़ाने तथा वैवाहिक कार्यक्रमों में होने वाली फिजूलखर्ची को कम करने पर जोर दिया जाएगा। विवाह समारोह में व्यंजनों की संख्या सीमित रखने, प्री-वेडिंग फोटोशूट जैसी परंपराओं को हतोत्साहित करने और वैवाहिक कार्यक्रमों को दिन के समय आयोजित करने जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा की जाएगी।


