DDU में NIRF 2026 की तैयारियां शुरू:ओवरऑल, यूनिवर्सिटी, स्टेट यूनिवर्सिटी, मैनेजमेंट, Law और SDG कैटेगरी में आवेदन किया

DDU में NIRF 2026 की तैयारियां शुरू:ओवरऑल, यूनिवर्सिटी, स्टेट यूनिवर्सिटी, मैनेजमेंट, Law और SDG कैटेगरी में आवेदन किया

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) 2026 के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी है। NIRF 2026 के अंतर्गत ओवरऑल, यूनिवर्सिटी, स्टेट यूनिवर्सिटी, मैनेजमेंट, Law और SDG कैटेगरी में आवेदन किया है। यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में जा रही है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध उत्कृष्टता, समावेशी शिक्षा, सुशासन और संस्थागत पारदर्शिता को और अधिक मजबूत करना है। NIRF 2025 की रैंकिंग शानदार प्रदर्शन
इससे पहले NIRF 2025 की रैंकिंग में विश्वविद्यालय ने University श्रेणी में 151–200 बैंड और State University श्रेणी में 51–100 बैंड में स्थान प्राप्त कर अपनी राष्ट्रीय उपस्थिति दर्ज कराई थी। इन सुधारों पर विशेष ध्यान
कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में विश्वविद्यालय NIRF के सभी प्रमुख मानकों पर लक्षित और सतत सुधारात्मक कदम उठा रहा है। Teaching, Learning and Resources के अंतर्गत फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों/सम्मेलनों का आयोजन, प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण, पुस्तकालय सुदृढ़ीकरण और डिजिटल लर्निंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। इन्नोवेटिव रिसर्च को बढ़ावा
Research and Professional Practice (RP) के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और नवाचारपरक शोध को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। Scopus और Web of Science में सूचीबद्ध जर्नलों में विश्वविद्यालय के शोध प्रकाशनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही पेटेंट और कॉपीराइट दाखिल करने की संख्या में भी निरंतर इजाफा हो रहा है। विश्वविद्यालय को UP-CST, UPCAR, SERB, AYUSH, ISRO (ARFI), BSI, ICSSR और UPHED जैसी प्रतिष्ठित एजेंसियों से महत्वपूर्ण शोध परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। PHD उपाधियों की संख्या में 35 प्रतिशत वृद्धि
शैक्षणिक सत्र 2024–25 में प्रदान की गई पीएचडी उपाधियों की संख्या, सत्र 2023–24 की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत अधिक रही है। इसके अतिरिक्त, PM-USHA योजना के अंतर्गत प्राप्त ₹100 करोड़ के अनुदान से आंतरिक सड़कों का विकास, शैक्षणिक भवनों का नवीनीकरण, Central Instrumentation Centre तथा Central Evaluation Building का निर्माण कार्य प्रगति पर है। विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता में वृद्धि
Graduation Outcomes को बेहतर बनाने के लिए अकादमिक मेंटरिंग, समयबद्ध पाठ्यक्रम पूर्णता, परीक्षा प्रक्रियाओं में सुधार, करियर मार्गदर्शन और प्लेसमेंट सहायता को सुदृढ़ किया गया है। कौशल विकास पहलों, उद्योग–अकादमिक सहयोगों के विस्तार से विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि “NIRF 2026 की तैयारी केवल रैंकिंग प्राप्त करने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध नवाचार और समावेशी शिक्षा के एक अग्रणी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करने की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”

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