मुजफ्फरपुर के ऐतिहासिक बाबा गरीबनाथ मंदिर में रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। उत्तर बिहार के ‘बाबा धाम’ के रूप में विख्यात इस मंदिर में महादेव और माता पार्वती के विवाह उत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने इस विशाल आयोजन के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। महाशिवरात्रि से एक दिन पहले शनिवार को मंदिर परिसर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ ‘पूजा मटकोर’ का विधि-विधान संपन्न हुआ। हिंदू धर्म में विवाह से पूर्व होने वाली इस रस्म के दौरान मंदिर प्रांगण भक्तिमय गीतों से गूंज उठा।इस अवसर पर विशेष भोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। बाबा गरीबनाथ धाम से एक विशाल शिव बारात सेवाइत परिवार और पुरोहितों की देखरेख में विवाह के लिए विशेष मिष्ठान और पकवान तैयार किए गए, जो उत्सव की प्राचीन परंपराओं को दर्शाते हैं।रविवार को महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर बाबा गरीबनाथ धाम से एक विशाल शिव बारात निकाली जाएगी। झांकी शहर के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों से होकर गुजरेगी।बारात में देवी-देवताओं के स्वरूपों के साथ-साथ पारंपरिक वाद्य यंत्रों और झांकियों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। मान्यता है कि शिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था, इसलिए भक्त हर वर्ष इस दिन को ‘विवाह उत्सव’ के रूप में मनाते हैं। बारात भ्रमण के बाद पुनः बाबा के दरबार पहुंचेगी, जहां देर रात तक विवाह की धार्मिक रस्में पूरी की जाएंगी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और शिव बारात की भव्यता को देखते हुए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। बारात के मार्ग पर सीसीटीव कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। प्रशासनिक टीम और मंदिर के सेवाइत परिवार के सदस्य आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में जुटे हैं। भक्तों में भारी उत्साह बाबा गरीब नाथ के प्रति उत्तर बिहार के लोगों की अटूट आस्था है। भक्तों का मानना है कि महाशिवरात्रि पर बाबा के दर्शन मात्र से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। मंदिर के मुख्य पुजारियों ने बताया कि इस वर्ष का आयोजन विशेष है और भक्तों की सुविधा के लिए विशेष बैरिकेडिंग और जलाभिषेक की भी व्यवस्था की गई है, पूरा मुजफ्फरपुर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से सराबोर है। मुजफ्फरपुर के ऐतिहासिक बाबा गरीबनाथ मंदिर में रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। उत्तर बिहार के ‘बाबा धाम’ के रूप में विख्यात इस मंदिर में महादेव और माता पार्वती के विवाह उत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने इस विशाल आयोजन के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। महाशिवरात्रि से एक दिन पहले शनिवार को मंदिर परिसर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ ‘पूजा मटकोर’ का विधि-विधान संपन्न हुआ। हिंदू धर्म में विवाह से पूर्व होने वाली इस रस्म के दौरान मंदिर प्रांगण भक्तिमय गीतों से गूंज उठा।इस अवसर पर विशेष भोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। बाबा गरीबनाथ धाम से एक विशाल शिव बारात सेवाइत परिवार और पुरोहितों की देखरेख में विवाह के लिए विशेष मिष्ठान और पकवान तैयार किए गए, जो उत्सव की प्राचीन परंपराओं को दर्शाते हैं।रविवार को महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर बाबा गरीबनाथ धाम से एक विशाल शिव बारात निकाली जाएगी। झांकी शहर के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों से होकर गुजरेगी।बारात में देवी-देवताओं के स्वरूपों के साथ-साथ पारंपरिक वाद्य यंत्रों और झांकियों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। मान्यता है कि शिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था, इसलिए भक्त हर वर्ष इस दिन को ‘विवाह उत्सव’ के रूप में मनाते हैं। बारात भ्रमण के बाद पुनः बाबा के दरबार पहुंचेगी, जहां देर रात तक विवाह की धार्मिक रस्में पूरी की जाएंगी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और शिव बारात की भव्यता को देखते हुए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। बारात के मार्ग पर सीसीटीव कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। प्रशासनिक टीम और मंदिर के सेवाइत परिवार के सदस्य आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में जुटे हैं। भक्तों में भारी उत्साह बाबा गरीब नाथ के प्रति उत्तर बिहार के लोगों की अटूट आस्था है। भक्तों का मानना है कि महाशिवरात्रि पर बाबा के दर्शन मात्र से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। मंदिर के मुख्य पुजारियों ने बताया कि इस वर्ष का आयोजन विशेष है और भक्तों की सुविधा के लिए विशेष बैरिकेडिंग और जलाभिषेक की भी व्यवस्था की गई है, पूरा मुजफ्फरपुर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से सराबोर है।


