बक्सर में महाशिवरात्रि की तैयारियां शुरू:रामेश्वरनाथ मंदिर में शिव-पार्वती विवाह की हल्दी रस्म संपन्न, 15 फरवरी को बारात

बक्सर में महाशिवरात्रि की तैयारियां शुरू:रामेश्वरनाथ मंदिर में शिव-पार्वती विवाह की हल्दी रस्म संपन्न, 15 फरवरी को बारात

बक्सर में महाशिवरात्रि से पहले ही भक्ति और उत्सव का माहौल बन गया है। शहर के ऐतिहासिक रामरेखाघाट स्थित श्री रामेश्वरनाथ मंदिर में भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती के विवाह की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। बुधवार को मंदिर परिसर में हल्दी रस्म और मटकोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्ति गीत, ढोल-नगाड़े और बैंड-बाजे की गूंज सुनाई दे रही थी। महिलाएं पीले और पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर पहुंचीं और मंगल गीत गाते हुए माता पार्वती को हल्दी लगाई। यह दृश्य किसी घर में बेटी की शादी जैसा लग रहा था। डीजे के साथ निकला मटकोड़ जुलूस हल्दी रस्म से पहले बैंड-बाजा और डीजे के साथ एक मटकोड़ जुलूस निकाला गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु पीले वस्त्र पहनकर नाचते-गाते इसमें शामिल हुए। ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। मंदिर परिसर में महिलाओं ने पारंपरिक विवाह गीतों के बीच सभी वैवाहिक रस्में पूरी कीं। अब 14 फरवरी को मेहंदी की रस्म होगी और फिर 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह शिव बारात के साथ संपन्न होगा। शिव-गौरा विवाह की हो रही रस्में श्री रामेश्वरनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी धनजी तिवारी उर्फ धनन बाबा ने बताया कि शिव-गौरा विवाह की सभी रस्में पूरी श्रद्धा और शास्त्रों के अनुसार कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के दिन विवाह समारोह विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। इस आयोजन को सफल बनाने में रामस्वरूप अग्रवाल सहित भोलेनाथ कमेटी के संजू वर्मा, डब्ल्यू वर्मा, मंटू वर्मा और अन्य सदस्यों का सराहनीय सहयोग मिल रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, रामरेखाघाट स्थित यह मंदिर अत्यंत प्राचीन है। कहा जाता है कि भगवान श्रीराम ने स्वयं इस मंदिर की स्थापना की थी। इसी कारण सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। फिलहाल बक्सर में माहौल पूरी तरह ‘शिवमय’ हो चुका है। हर गली-मोहल्ले में शिव विवाह की चर्चा है, और भक्त बेसब्री से 15 फरवरी की उस घड़ी का इंतजार कर रहे हैं, जब भोलेनाथ बारात लेकर निकलेंगे और पूरा शहर देव विवाह का साक्षी बनेगा। बक्सर में महाशिवरात्रि से पहले ही भक्ति और उत्सव का माहौल बन गया है। शहर के ऐतिहासिक रामरेखाघाट स्थित श्री रामेश्वरनाथ मंदिर में भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती के विवाह की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। बुधवार को मंदिर परिसर में हल्दी रस्म और मटकोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्ति गीत, ढोल-नगाड़े और बैंड-बाजे की गूंज सुनाई दे रही थी। महिलाएं पीले और पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर पहुंचीं और मंगल गीत गाते हुए माता पार्वती को हल्दी लगाई। यह दृश्य किसी घर में बेटी की शादी जैसा लग रहा था। डीजे के साथ निकला मटकोड़ जुलूस हल्दी रस्म से पहले बैंड-बाजा और डीजे के साथ एक मटकोड़ जुलूस निकाला गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु पीले वस्त्र पहनकर नाचते-गाते इसमें शामिल हुए। ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। मंदिर परिसर में महिलाओं ने पारंपरिक विवाह गीतों के बीच सभी वैवाहिक रस्में पूरी कीं। अब 14 फरवरी को मेहंदी की रस्म होगी और फिर 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह शिव बारात के साथ संपन्न होगा। शिव-गौरा विवाह की हो रही रस्में श्री रामेश्वरनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी धनजी तिवारी उर्फ धनन बाबा ने बताया कि शिव-गौरा विवाह की सभी रस्में पूरी श्रद्धा और शास्त्रों के अनुसार कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के दिन विवाह समारोह विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। इस आयोजन को सफल बनाने में रामस्वरूप अग्रवाल सहित भोलेनाथ कमेटी के संजू वर्मा, डब्ल्यू वर्मा, मंटू वर्मा और अन्य सदस्यों का सराहनीय सहयोग मिल रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, रामरेखाघाट स्थित यह मंदिर अत्यंत प्राचीन है। कहा जाता है कि भगवान श्रीराम ने स्वयं इस मंदिर की स्थापना की थी। इसी कारण सावन और महाशिवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। फिलहाल बक्सर में माहौल पूरी तरह ‘शिवमय’ हो चुका है। हर गली-मोहल्ले में शिव विवाह की चर्चा है, और भक्त बेसब्री से 15 फरवरी की उस घड़ी का इंतजार कर रहे हैं, जब भोलेनाथ बारात लेकर निकलेंगे और पूरा शहर देव विवाह का साक्षी बनेगा।  

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