अमेरिकी ‘ओपीटी’ प्रोग्राम को कानूनी कवच देने की तैयारी, 1.43 लाख भारतीयों को मिलेगी राहत

अमेरिकी ‘ओपीटी’ प्रोग्राम को कानूनी कवच देने की तैयारी, 1.43 लाख भारतीयों को मिलेगी राहत

अमेरिका (United States Of America) में पढ़ाई के बाद नौकरी की तलाश कर रहे भारतीय छात्रों के लिए एक राहत भरी खबर है। अमेरिकी सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने ‘कीप इनोवेटर्स इन अमेरिका एक्ट’ (Keep Innovators In America Act) पेश किया है। इस बिल का मुख्य उद्देश्य ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम (Optional Practical Training Program) जिसे ओपीटी (OPT) प्रोग्राम भी कहते हैं, को स्थायी कानूनी दर्जा देना है, जिससे भविष्य में किसी भी अचानक नीतिगत बदलाव के खतरे को टाला जा सके।

अमेरिकी अर्थव्यवस्था और नवाचार के लिए ज़रूरी

सैम लिकार्डो (Sam Liccardo), जे ओबरनोल्टी (Jay Obernolte) और राजा कृष्णमूर्ति (Raja Krishnamoorthi) जैसे सांसदों द्वारा पेश इस बिल को ‘फॉरवर्ड यूएन’ और ‘अमेरिका इमिग्रेशन लॉयर्स एसोसिएशन’ जैसे बड़े संगठनों का समर्थन प्राप्त है। समर्थकों का तर्क है कि अमेरिका के विश्वविद्यालयों से शिक्षित वैश्विक प्रतिभाओं को रोकना अमेरिकी अर्थव्यवस्था और नवाचार के लिए ज़रूरी है। अंतर्राष्ट्रीय छात्र न केवल सिर्फ विशेषज्ञता लाते हैं, बल्कि वो हर साल अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 40 बिलियन डॉलर से ज़्यादा का योगदान देते हैं और लाखों नौकरियों में अहम भूमिका निभाते हैं।

हर तीसरा भारतीय ओपीटी प्रोग्राम से लाभान्वित

वर्तमान में भारतीय छात्र अमेरिका में रह रहे अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का सबसे बड़ा समूह हैं। ‘ओपन डोर्स सर्वे’ के अनुसार शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में 3.63 लाख से ज़्यादा भारतीय छात्र अमेरिका के शिक्षण संस्थानों में नामांकित थे। इनमें से लगभग 1.43 छात्र वर्तमान में ओपीटी प्रोग्राम का लाभ उठा रहे हैं। ऐसे में इन भारतीयों के लिए ओपीटी प्रोग्राम को कानूनी कवच राहत की बात होगी।

अमेरिका के लिए बेहद फायदेमंद है ओपीटी प्रोग्राम

अमेरिका के लिए ओपीटी प्रोग्राम काफी फायदेमंद है। इस प्रोग्राम से न सिर्फ अमेरिका में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए आकर्षण बढ़ता है, बल्कि अलग-अलग सेक्टर्स में इन छात्रों की वजह से टैलेंट और इनोवेशन भी बढ़ता है जिससे अमेरिकी कंपनियों को अतिरिक्त स्पॉन्सरशिप के स्किल्ड वर्कफोर्स मिलती है। रिसर्च से पता चला है कि ओपीटी प्रोग्राम से अमेरिकी कर्मचारियों की नौकरियों या वेतन पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि इससे समग्र उत्पादकता बढ़ती है। इससे देश में उच्च शिक्षा को मजबूती मिलती है और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है। अगर अमेरिका में ओपीटी प्रोग्राम सीमित हो जाए तो अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की संख्या घट सकती है, जिससे अर्थव्यवस्था और इनोवेशन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

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