सुपौल के सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा ने बुधवार को एपीएचसी लौकहा और बरैल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रजिस्ट्रेशन काउंटर, ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, लैब, इमरजेंसी सेवा, लेबर रूम तथा अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान मौजूद चिकित्साकर्मियों व स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के बाद सिविल सर्जन ने बताया कि बरैल एपीएचसी में एक डॉक्टर लगभग 10 मिनट देर से पहुंचे थे, जिस पर उन्हें समय पालन को लेकर हिदायत दी गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी डॉक्टरों व कर्मियों को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहना होगा, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। वहीं लौकहा एपीएचसी के संबंध में उन्होंने कहा कि वहां फिलहाल कामकाज अपेक्षाकृत कम है, लेकिन विभाग की योजना है कि उसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। औसतन मरीजों की संख्या भी 70–75 प्रतिदिन के आसपास डॉ. झा ने बताया कि संबंधित अस्पताल के लिए नोटिफिकेशन जारी हो चुका है और वहां बड़ा कैंपस उपलब्ध है, हालांकि अभी बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है। उन्होंने कहा कि बरैल में साफ-सफाई की स्थिति पहले से बेहतर दिखी और औसतन मरीजों की संख्या भी 70–75 प्रतिदिन के आसपास है। बावजूद इसके, कुछ व्यवस्थाएं अपेक्षित स्तर की नहीं पाई गईं, जिन्हें शीघ्र सुधारने का निर्देश दिया गया है। दोनों केंद्रों पर आयुष चिकित्सक पदस्थापित सिविल सर्जन ने कहा कि दोनों केंद्रों पर आयुष चिकित्सक पदस्थापित हैं और आवश्यकता के अनुसार एलोपैथिक डॉक्टरों की उपलब्धता पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी नई पोस्टिंग के बाद जिले के पीएचसी, सीएचसी और अतिरिक्त पीएचसी का लगातार दौरा किया जा रहा है ताकि जमीनी स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि डॉक्टरों या स्टाफ की लेटलतीफी अथवा लापरवाही की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सुपौल के सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा ने बुधवार को एपीएचसी लौकहा और बरैल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रजिस्ट्रेशन काउंटर, ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, लैब, इमरजेंसी सेवा, लेबर रूम तथा अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान मौजूद चिकित्साकर्मियों व स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के बाद सिविल सर्जन ने बताया कि बरैल एपीएचसी में एक डॉक्टर लगभग 10 मिनट देर से पहुंचे थे, जिस पर उन्हें समय पालन को लेकर हिदायत दी गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी डॉक्टरों व कर्मियों को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहना होगा, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। वहीं लौकहा एपीएचसी के संबंध में उन्होंने कहा कि वहां फिलहाल कामकाज अपेक्षाकृत कम है, लेकिन विभाग की योजना है कि उसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। औसतन मरीजों की संख्या भी 70–75 प्रतिदिन के आसपास डॉ. झा ने बताया कि संबंधित अस्पताल के लिए नोटिफिकेशन जारी हो चुका है और वहां बड़ा कैंपस उपलब्ध है, हालांकि अभी बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है। उन्होंने कहा कि बरैल में साफ-सफाई की स्थिति पहले से बेहतर दिखी और औसतन मरीजों की संख्या भी 70–75 प्रतिदिन के आसपास है। बावजूद इसके, कुछ व्यवस्थाएं अपेक्षित स्तर की नहीं पाई गईं, जिन्हें शीघ्र सुधारने का निर्देश दिया गया है। दोनों केंद्रों पर आयुष चिकित्सक पदस्थापित सिविल सर्जन ने कहा कि दोनों केंद्रों पर आयुष चिकित्सक पदस्थापित हैं और आवश्यकता के अनुसार एलोपैथिक डॉक्टरों की उपलब्धता पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी नई पोस्टिंग के बाद जिले के पीएचसी, सीएचसी और अतिरिक्त पीएचसी का लगातार दौरा किया जा रहा है ताकि जमीनी स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि डॉक्टरों या स्टाफ की लेटलतीफी अथवा लापरवाही की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


