औरंगाबाद में भव्य रामनवमी जुलूस की तैयारी:5 KM लंबी यात्रा में हजारों लोग शामिल होंगे; डीजे पर बैन, मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस की तैनाती

औरंगाबाद में भव्य रामनवमी जुलूस की तैयारी:5 KM लंबी यात्रा में हजारों लोग शामिल होंगे; डीजे पर बैन, मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस की तैनाती

औरंगाबाद जिले में रामनवमी को लेकर श्रद्धा, आस्था और उत्साह का माहौल है। 28 मार्च को शहर में भव्य रामनवमी जुलूस सह शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा में लगभग 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। करीब 5 किलोमीटर लंबी यह शोभायात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए धार्मिक एकता और परंपरा का संदेश देगी। जुलूस की शुरुआत ब्लॉक मोड़ से पारंपरिक गाजे-बाजे, ढोल-सिंघा और भांगड़ा की धुन पर होगी। यह शोभायात्रा जसोईया मोड़ तक जाएगी और फिर वापस ब्लॉक मोड़, कर्मा मोड़, रमेश चौक होते हुए मुख्य बाजार स्थित जामा मस्जिद के पास पहुंचेगी। धर्मशाला मोड़ के पास अलग-अलग पूजा समितियों की शोभायात्राएं एकत्रित होंगी और यहां सामूहिक रूप से धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जामा मस्जिद के पास शोभा यात्रा का होगा मिलन भव्य आयोजन में रामनवमी पूजा समिति ब्लॉक मोड़, सरस्वती सुशोभित समिति काली मंदिर, शक्ति आराध्या समिति नावाडीह हनुमान मंदिर और श्री राम जानकी ठाकुरबारी पूजा समिति सहित कई समितियां शामिल होंगी। हर साल की तरह इस बार भी जामा मस्जिद के पास सभी समितियों का मिलन होगा, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होता है। इस वर्ष शोभायात्रा में लगभग 12 से अधिक आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी, जिनमें भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान की लगभग 15 फीट ऊंची प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। प्रशासन की ओर से डीजे पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद सभी समितियों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ शोभायात्रा निकालने का निर्णय लिया है, जिससे सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। गाजे बाजे के साथ चलाया जाएगा पैदल संपर्क अभियान रामनवमी पूजा समिति ब्लॉक मोड़ सत्येंद्र नगर के सदस्यों ने बताया कि नवरात्रि के प्रथम दिन कलश यात्रा के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई थी। सीताराम और हनुमान की प्रतिमा स्थापित कर नवाह पारायण पाठ कराया जा रहा है। प्रतिदिन संध्या आरती के बाद वाराणसी से आए विद्वान आचार्य डॉ. मनोहर मिश्र द्वारा प्रवचन दिया जा रहा है। 27 मार्च को नवमी तिथि के अवसर पर 101 बालिकाओं के साथ कन्या पूजन एवं भंडारा का आयोजन कर नवाह पारायण का समापन किया जाएगा। शोभायात्रा से पहले पैदल संपर्क यात्रा भी निकाली जाएगी, जिसमें लगभग 1500 श्रद्धालु भाग लेंगे। यह यात्रा क्लब रोड साईं मंदिर से शुरू होकर नावाडीह, विराटपुर, संकट मोचन मंदिर, धर्मशाला मोड़ और टिकरी रोड होते हुए बाईपास तक जाएगी। इस दौरान अधिक से अधिक लोगों को शोभायात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। भगवा रंग में रंगा है औरंगाबाद शहर रामनवमी को लेकर पूरे शहर में व्यापक तैयारियां की गई हैं। शहर को भगवा झंडों से सजाया गया है और जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन और पूजा समितियों के समन्वय से इस बार रामनवमी जुलूस को शांतिपूर्ण, भव्य और अनुशासित तरीके से आयोजित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। श्रद्धालुओं में इस ऐतिहासिक शोभायात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। 6233 लोगों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 126 के तहत कार्रवाई प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं। जुलूस के दौरान संवेदनशील स्थलों, विशेषकर जामा मस्जिद के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग की जाएगी। जगह-जगह मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। साथ ही नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा, जहां से वरीय अधिकारी पूरे जुलूस की निगरानी करेंगे। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से भी शोभायात्रा पर नजर रखी जाएगी। पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले भर में कुल 82 समितियों को जुलूस निकालने का लाइसेंस दिया गया है। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 6233 लोगों को चिन्हित कर बीएनएसएस की धारा 126 के तहत कार्रवाई की गई है, जबकि 3829 लोगों को धारा 135 के तहत बाउंड डाउन किया गया है। इसके अलावा सात लोगों पर सीसीए-3 के तहत कार्रवाई हुई है। 401 डीजे संचालकों को भी बाउंड डाउन किया गया है और 42 डीजे जब्त किए गए हैं। डीजे के साथ हथियार के प्रदर्शन पर भी रोक जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि बिना अनुज्ञप्ति कोई भी जुलूस नहीं निकलेगा। जुलूस निर्धारित मार्ग और समय के अनुसार ही निकाले जाएंगे। डीजे के उपयोग, हथियार प्रदर्शन, तलवारबाजी और शक्ति प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही सभी जुलूसों के साथ दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति अनिवार्य की गई है। अनुमंडल पदाधिकारी और एसडीपीओ की ओर से भी पूजा समितियों के साथ बैठक कर जुलूस मार्गों की समीक्षा की गई है। बिजली के ढीले तारों को दुरुस्त करने, सड़कों की मरम्मत, साफ-सफाई, प्रकाश और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। औरंगाबाद जिले में रामनवमी को लेकर श्रद्धा, आस्था और उत्साह का माहौल है। 28 मार्च को शहर में भव्य रामनवमी जुलूस सह शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा में लगभग 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। करीब 5 किलोमीटर लंबी यह शोभायात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए धार्मिक एकता और परंपरा का संदेश देगी। जुलूस की शुरुआत ब्लॉक मोड़ से पारंपरिक गाजे-बाजे, ढोल-सिंघा और भांगड़ा की धुन पर होगी। यह शोभायात्रा जसोईया मोड़ तक जाएगी और फिर वापस ब्लॉक मोड़, कर्मा मोड़, रमेश चौक होते हुए मुख्य बाजार स्थित जामा मस्जिद के पास पहुंचेगी। धर्मशाला मोड़ के पास अलग-अलग पूजा समितियों की शोभायात्राएं एकत्रित होंगी और यहां सामूहिक रूप से धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जामा मस्जिद के पास शोभा यात्रा का होगा मिलन भव्य आयोजन में रामनवमी पूजा समिति ब्लॉक मोड़, सरस्वती सुशोभित समिति काली मंदिर, शक्ति आराध्या समिति नावाडीह हनुमान मंदिर और श्री राम जानकी ठाकुरबारी पूजा समिति सहित कई समितियां शामिल होंगी। हर साल की तरह इस बार भी जामा मस्जिद के पास सभी समितियों का मिलन होगा, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होता है। इस वर्ष शोभायात्रा में लगभग 12 से अधिक आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी, जिनमें भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान की लगभग 15 फीट ऊंची प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। प्रशासन की ओर से डीजे पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद सभी समितियों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ शोभायात्रा निकालने का निर्णय लिया है, जिससे सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। गाजे बाजे के साथ चलाया जाएगा पैदल संपर्क अभियान रामनवमी पूजा समिति ब्लॉक मोड़ सत्येंद्र नगर के सदस्यों ने बताया कि नवरात्रि के प्रथम दिन कलश यात्रा के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई थी। सीताराम और हनुमान की प्रतिमा स्थापित कर नवाह पारायण पाठ कराया जा रहा है। प्रतिदिन संध्या आरती के बाद वाराणसी से आए विद्वान आचार्य डॉ. मनोहर मिश्र द्वारा प्रवचन दिया जा रहा है। 27 मार्च को नवमी तिथि के अवसर पर 101 बालिकाओं के साथ कन्या पूजन एवं भंडारा का आयोजन कर नवाह पारायण का समापन किया जाएगा। शोभायात्रा से पहले पैदल संपर्क यात्रा भी निकाली जाएगी, जिसमें लगभग 1500 श्रद्धालु भाग लेंगे। यह यात्रा क्लब रोड साईं मंदिर से शुरू होकर नावाडीह, विराटपुर, संकट मोचन मंदिर, धर्मशाला मोड़ और टिकरी रोड होते हुए बाईपास तक जाएगी। इस दौरान अधिक से अधिक लोगों को शोभायात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। भगवा रंग में रंगा है औरंगाबाद शहर रामनवमी को लेकर पूरे शहर में व्यापक तैयारियां की गई हैं। शहर को भगवा झंडों से सजाया गया है और जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन और पूजा समितियों के समन्वय से इस बार रामनवमी जुलूस को शांतिपूर्ण, भव्य और अनुशासित तरीके से आयोजित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। श्रद्धालुओं में इस ऐतिहासिक शोभायात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। 6233 लोगों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 126 के तहत कार्रवाई प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं। जुलूस के दौरान संवेदनशील स्थलों, विशेषकर जामा मस्जिद के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग की जाएगी। जगह-जगह मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। साथ ही नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा, जहां से वरीय अधिकारी पूरे जुलूस की निगरानी करेंगे। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से भी शोभायात्रा पर नजर रखी जाएगी। पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले भर में कुल 82 समितियों को जुलूस निकालने का लाइसेंस दिया गया है। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 6233 लोगों को चिन्हित कर बीएनएसएस की धारा 126 के तहत कार्रवाई की गई है, जबकि 3829 लोगों को धारा 135 के तहत बाउंड डाउन किया गया है। इसके अलावा सात लोगों पर सीसीए-3 के तहत कार्रवाई हुई है। 401 डीजे संचालकों को भी बाउंड डाउन किया गया है और 42 डीजे जब्त किए गए हैं। डीजे के साथ हथियार के प्रदर्शन पर भी रोक जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि बिना अनुज्ञप्ति कोई भी जुलूस नहीं निकलेगा। जुलूस निर्धारित मार्ग और समय के अनुसार ही निकाले जाएंगे। डीजे के उपयोग, हथियार प्रदर्शन, तलवारबाजी और शक्ति प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही सभी जुलूसों के साथ दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति अनिवार्य की गई है। अनुमंडल पदाधिकारी और एसडीपीओ की ओर से भी पूजा समितियों के साथ बैठक कर जुलूस मार्गों की समीक्षा की गई है। बिजली के ढीले तारों को दुरुस्त करने, सड़कों की मरम्मत, साफ-सफाई, प्रकाश और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।  

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