प्रयागराज में सुबह से छाए बादल, बीच-बीच में कड़क धूप:चल रही तेज हवाएं, बदलते मौसम से बढ़ी किसानों की चिंता

प्रयागराज में सुबह से छाए बादल, बीच-बीच में कड़क धूप:चल रही तेज हवाएं, बदलते मौसम से बढ़ी किसानों की चिंता

प्रयागराज में पिछले दो दिनों से मौसम का मिज़ाज लगातार बदलता हुआ नजर आ रहा है। गुरुवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे, हालांकि बीच-बीच में धूप भी निकलती रही। एक दिन पहले आए तेज आंधी-तूफान के बाद मौसम अभी पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है। आसमान में बादलों की आवाजाही के साथ तेज हवाएं भी चल रही हैं, जिनकी रफ्तार करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई है। इस बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रात में तापमान में गिरावट सुबह और शाम के समय चल रही ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं दिन में धूप निकलने के कारण गर्मी का एहसास भी बना हुआ है। दिन और रात के तापमान में लगभग 5 से 6 डिग्री सेल्सियस का अंतर देखा जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज का न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विभाग ने अगले दो दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है, जिसमें तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है। इसी को देखते हुए प्रयागराज समेत आसपास के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी अपडेट्स पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। बदलते मौसम से बढ़ी किसानों की चिंता लगातार बदल रहे मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर तेज हवा और बारिश के चलते फसल गिर गई है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कुछ इलाकों में गेहूं की कटाई का कार्य भी प्रभावित हुआ है। अचानक बदले मौसम के कारण किसान अपनी तैयार फसल को लेकर चिंतित हैं। कटाई के दौरान बारिश होने से फसल के भीगने और खराब होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि इस समय मौसम साफ रहने की उम्मीद थी, ताकि वे अपनी फसल सुरक्षित काट सकें, लेकिन बेमौसम बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। अगर आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही बना रहा, तो नुकसान और बढ़ सकता है। प्रशासन और कृषि विभाग से किसान राहत की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं विशेषज्ञ किसानों को मौसम को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द फसल कटाई और सुरक्षित भंडारण की सलाह दे रहे हैं।

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