प्रतापगढ़ में जिला प्रशासन ने कृषि मंडी रोड स्थित अंबिका राजराजेश्वरी मंदिर मंडल के भक्तों की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अंजलि राजोरिया के निर्देश पर नाले के समीप जारी एक आवासीय पट्टा निरस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई जांच में सच्चाई सामने आने के बाद की गई। अवैध अतिक्रमण की मिली थी शिकायत मंदिर मंडल के भक्तों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया था कि नाले के पास अवैध अतिक्रमण कर पट्टा जारी किया गया है। इससे भविष्य में जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। इस शिकायत के बाद प्रशासन ने तुरंत सीमांकन के आदेश दिए। तहसीलदार प्रतापगढ़ के निर्देशन में सीमांकन काम हुआ, जिसकी रिपोर्ट 24 दिसंबर 2025 को नगर परिषद को सौंपी गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित भूमि प्राकृतिक नाले और उसके बफर जोन में आती है। इसके आधार पर नगर परिषद प्रतापगढ़ ने राजेंद्र सुथार को जारी आवासीय पट्टा निरस्त कर दिया। प्रशासन ने अपने आदेश में सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के दिशा-निर्देशों का हवाला दिया है। इन निर्देशों के अनुसार, प्राकृतिक नालों और उनके बफर जोन में किसी भी प्रकार का निर्माण या भूमि उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। पट्टा धारक राजेंद्र सुथार को 7 दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना पक्ष प्रस्तुत करने का मौका दिया गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार की आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। जिला कलेक्टर के निर्देश पर हुई इस सख्त कार्रवाई से भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि शहर में अवैध अतिक्रमण और प्राकृतिक संसाधनों से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।


