जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को बक्सर में बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत मीडिया से बात करते हुए राज्य की राजनीति और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में बिहार की सरकार भले ही स्थानीय लोगों द्वारा चलाई जाए, लेकिन उसका नियंत्रण दिल्ली से होगा और सभी महत्वपूर्ण फैसले गुजरात के हितों को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे। किशोर ने अगले पांच वर्षों के लिए बिहार के विकास पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस अवधि में विकास कार्यों की गति धीमी रहेगी और भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकुश नहीं लग पाएगा। उनके अनुसार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी और पलायन जैसे गंभीर मुद्दों पर भी कोई बड़ा सुधार होने की संभावना नहीं है। चुनाव में पैसे के बल पर वोट खरीदे गए
प्रशांत किशोर ने विधानसभा चुनाव के बाद की अपनी भविष्यवाणी को दोहराया। उन्होंने कहा था कि यदि एनडीए गठबंधन की सरकार बनती है, तो नीतीश कुमार 2025 के बाद मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। किशोर ने आरोप लगाया कि 202 विधायकों का समर्थन होने के बावजूद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विधानसभा चुनाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए। किशोर के अनुसार, चुनाव में पैसे के बल पर वोट खरीदे गए और चुनाव आयोग का दुरुपयोग किया गया, जिसके परिणामस्वरूप एनडीए गठबंधन को 202 सीटें मिलीं। उन्होंने दावा किया कि यदि चुनाव में धन का इस्तेमाल नहीं होता तो जनता दल यूनाइटेड (जदयू) 25 सीटों से अधिक नहीं जीत पाती। चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया
प्रशांत किशोर ने इन चुनाव परिणामों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने चुनाव में ये सब किया, वे अब मुख्यमंत्री की कुर्सी पर अपना आदमी बैठाना चाहते हैं, यही वजह है कि नीतीश कुमार को हटाने की कोशिश की जा रही है। बिहार की व्यवस्था में सुधार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि केवल सांसद और विधायक बदलने से राज्य की स्थिति नहीं सुधरेगी। उनके मुताबिक, वास्तविक बदलाव तभी आएगा जब पंचायत स्तर पर अच्छे और ईमानदार मुखिया चुने जाएंगे। उन्होंने जोर दिया कि स्थानीय स्तर पर मजबूत नेतृत्व से ही बिहार की व्यवस्था में सुधार संभव है। मोदी बिहार के लोगों से मिलने नहीं आएंगे
देश के प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के लोगों से मिलने नहीं आएंगे। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि बिहार के लोगों को “उसिना चावल खाइए या अरवा चावल” जैसे भाषण सुनने को मिलेंगे। उन्होंने लोगों से कहा कि अपने बच्चों के भविष्य को लेकर खुद निर्णय लेना होगा। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय के लिए लोगों को “सीट बेल्ट बांध लेने” की जरूरत है, क्योंकि भ्रष्टाचार और बेरोजगारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है और लोकसभा चुनाव के समय फिर से उसीना और अरवा चावल के भाषण सुनने को मिलेंगे। बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे
बक्सर पहुंचने पर प्रशांत किशोर का जन सुराज के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। शहर के आशीर्वाद मैरेज हॉल में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। प्रशांत किशोर ने बताया कि फिलहाल वे बिहार के अलग-अलग जिलों का दौरा कर कार्यकर्ताओं और समर्थकों से राय-मशविरा कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि यदि सहमति बनती है तो आने वाले पंचायत चुनाव में जन सुराज अपने उम्मीदवार भी उतार सकता है। उन्होंने कहा कि जन सुराज का उद्देश्य बिहार की राजनीति में नई सोच और नई व्यवस्था लाना है, ताकि राज्य में विकास, रोजगार और बेहतर शासन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को बक्सर में बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत मीडिया से बात करते हुए राज्य की राजनीति और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में बिहार की सरकार भले ही स्थानीय लोगों द्वारा चलाई जाए, लेकिन उसका नियंत्रण दिल्ली से होगा और सभी महत्वपूर्ण फैसले गुजरात के हितों को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे। किशोर ने अगले पांच वर्षों के लिए बिहार के विकास पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस अवधि में विकास कार्यों की गति धीमी रहेगी और भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकुश नहीं लग पाएगा। उनके अनुसार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी और पलायन जैसे गंभीर मुद्दों पर भी कोई बड़ा सुधार होने की संभावना नहीं है। चुनाव में पैसे के बल पर वोट खरीदे गए
प्रशांत किशोर ने विधानसभा चुनाव के बाद की अपनी भविष्यवाणी को दोहराया। उन्होंने कहा था कि यदि एनडीए गठबंधन की सरकार बनती है, तो नीतीश कुमार 2025 के बाद मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। किशोर ने आरोप लगाया कि 202 विधायकों का समर्थन होने के बावजूद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विधानसभा चुनाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए। किशोर के अनुसार, चुनाव में पैसे के बल पर वोट खरीदे गए और चुनाव आयोग का दुरुपयोग किया गया, जिसके परिणामस्वरूप एनडीए गठबंधन को 202 सीटें मिलीं। उन्होंने दावा किया कि यदि चुनाव में धन का इस्तेमाल नहीं होता तो जनता दल यूनाइटेड (जदयू) 25 सीटों से अधिक नहीं जीत पाती। चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया
प्रशांत किशोर ने इन चुनाव परिणामों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने चुनाव में ये सब किया, वे अब मुख्यमंत्री की कुर्सी पर अपना आदमी बैठाना चाहते हैं, यही वजह है कि नीतीश कुमार को हटाने की कोशिश की जा रही है। बिहार की व्यवस्था में सुधार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि केवल सांसद और विधायक बदलने से राज्य की स्थिति नहीं सुधरेगी। उनके मुताबिक, वास्तविक बदलाव तभी आएगा जब पंचायत स्तर पर अच्छे और ईमानदार मुखिया चुने जाएंगे। उन्होंने जोर दिया कि स्थानीय स्तर पर मजबूत नेतृत्व से ही बिहार की व्यवस्था में सुधार संभव है। मोदी बिहार के लोगों से मिलने नहीं आएंगे
देश के प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के लोगों से मिलने नहीं आएंगे। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि बिहार के लोगों को “उसिना चावल खाइए या अरवा चावल” जैसे भाषण सुनने को मिलेंगे। उन्होंने लोगों से कहा कि अपने बच्चों के भविष्य को लेकर खुद निर्णय लेना होगा। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय के लिए लोगों को “सीट बेल्ट बांध लेने” की जरूरत है, क्योंकि भ्रष्टाचार और बेरोजगारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है और लोकसभा चुनाव के समय फिर से उसीना और अरवा चावल के भाषण सुनने को मिलेंगे। बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे
बक्सर पहुंचने पर प्रशांत किशोर का जन सुराज के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। शहर के आशीर्वाद मैरेज हॉल में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। प्रशांत किशोर ने बताया कि फिलहाल वे बिहार के अलग-अलग जिलों का दौरा कर कार्यकर्ताओं और समर्थकों से राय-मशविरा कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि यदि सहमति बनती है तो आने वाले पंचायत चुनाव में जन सुराज अपने उम्मीदवार भी उतार सकता है। उन्होंने कहा कि जन सुराज का उद्देश्य बिहार की राजनीति में नई सोच और नई व्यवस्था लाना है, ताकि राज्य में विकास, रोजगार और बेहतर शासन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।


