गयाजी में ‘प्रज्ञा शक्ति’ ट्रेनिंग कार्यक्रम:वजीरगंज ब्लॉक में 370 शिक्षक हुए शामिल, विशेष बच्चों की पहचान और देखभाल का आधार बनेंगे

गयाजी में ‘प्रज्ञा शक्ति’ ट्रेनिंग कार्यक्रम:वजीरगंज ब्लॉक में 370 शिक्षक हुए शामिल, विशेष बच्चों की पहचान और देखभाल का आधार बनेंगे

गयाजी जिले के वजीरगंज प्रखंड में प्रारंभिक और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को विशेष बच्चों की पहचान और देखभाल के लिए ट्रेनिंग दी गई है। गुरुवार को मध्य विद्यालय वजीरगंज में एक दिवसीय प्रज्ञा शक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम जिला पदाधिकारी सह अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति के आदेशानुसार हुआ। प्रज्ञा शक्ति कार्यक्रम के तहत सभी प्रारंभिक और माध्यमिक विद्यालयों से दो-दो नामित शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। कुल 185 विद्यालयों के 370 शिक्षकों को इस कार्यक्रम से जोड़ा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में पढ़ने वाले विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान करना, उन्हें उचित शैक्षणिक सहयोग देना और सरकारी योजनाओं से जोड़ना है। चार बैच में दी गई ट्रेनिंग बीआरसी के समावेशी संसाधन शिक्षक सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि प्रशिक्षण को दो दिनों में चरणबद्ध तरीके से पूरा किया गया। पहले दिन बुधवार को 185 शिक्षकों को चार बैच में मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद गुरुवार को शेष 185 शिक्षकों को भी चार बैच में प्रशिक्षण देकर कार्यक्रम को पूर्ण किया गया। ट्रेनिंग के दौरान शिक्षकों को यह समझाया गया कि वे अपने-अपने विद्यालयों में ऐसे बच्चों की पहचान कैसे करें, उनके लक्षणों को कैसे समझें और प्रज्ञा शक्ति कार्यक्रम के तहत उपलब्ध सुविधाओं का लाभ कैसे दिलाएं। चिन्हित किए गए बच्चों की जानकारी मोबाइल एप के माध्यम से अपलोड करनी होगी। इसके लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर से यह समय-सीमा तय की गई है कि 26 जनवरी से पहले बच्चों की पहचान का कार्य पूरा कर लिया जाए। ताकि 26 जनवरी के बाद प्रज्ञा शक्ति कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। शिक्षकों की भूमिका काफी अहम कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समय पर पहचान होने से उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास में बड़ा सुधार संभव है। यही कारण है कि शिक्षकों की भूमिका को इस योजना में सबसे अहम माना गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीडीओ सह प्रधानाध्यापक शंभू शरण सिंह, मास्टर ट्रेनर ज्योत्सना शाही, कल्याणी कुमारी, दीपक कुमार सिन्हा, विकास कुमार, ईश्वरचंद कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। सभी ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए इसे बच्चों के भविष्य के लिए जरूरी कदम बताया। गयाजी जिले के वजीरगंज प्रखंड में प्रारंभिक और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को विशेष बच्चों की पहचान और देखभाल के लिए ट्रेनिंग दी गई है। गुरुवार को मध्य विद्यालय वजीरगंज में एक दिवसीय प्रज्ञा शक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम जिला पदाधिकारी सह अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति के आदेशानुसार हुआ। प्रज्ञा शक्ति कार्यक्रम के तहत सभी प्रारंभिक और माध्यमिक विद्यालयों से दो-दो नामित शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। कुल 185 विद्यालयों के 370 शिक्षकों को इस कार्यक्रम से जोड़ा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में पढ़ने वाले विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान करना, उन्हें उचित शैक्षणिक सहयोग देना और सरकारी योजनाओं से जोड़ना है। चार बैच में दी गई ट्रेनिंग बीआरसी के समावेशी संसाधन शिक्षक सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि प्रशिक्षण को दो दिनों में चरणबद्ध तरीके से पूरा किया गया। पहले दिन बुधवार को 185 शिक्षकों को चार बैच में मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद गुरुवार को शेष 185 शिक्षकों को भी चार बैच में प्रशिक्षण देकर कार्यक्रम को पूर्ण किया गया। ट्रेनिंग के दौरान शिक्षकों को यह समझाया गया कि वे अपने-अपने विद्यालयों में ऐसे बच्चों की पहचान कैसे करें, उनके लक्षणों को कैसे समझें और प्रज्ञा शक्ति कार्यक्रम के तहत उपलब्ध सुविधाओं का लाभ कैसे दिलाएं। चिन्हित किए गए बच्चों की जानकारी मोबाइल एप के माध्यम से अपलोड करनी होगी। इसके लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर से यह समय-सीमा तय की गई है कि 26 जनवरी से पहले बच्चों की पहचान का कार्य पूरा कर लिया जाए। ताकि 26 जनवरी के बाद प्रज्ञा शक्ति कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। शिक्षकों की भूमिका काफी अहम कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समय पर पहचान होने से उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास में बड़ा सुधार संभव है। यही कारण है कि शिक्षकों की भूमिका को इस योजना में सबसे अहम माना गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीडीओ सह प्रधानाध्यापक शंभू शरण सिंह, मास्टर ट्रेनर ज्योत्सना शाही, कल्याणी कुमारी, दीपक कुमार सिन्हा, विकास कुमार, ईश्वरचंद कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। सभी ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए इसे बच्चों के भविष्य के लिए जरूरी कदम बताया।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *