लंबे इंतजार के बाद आखिरकार नालंदा के हरनौत प्रखंड के ग्रामीणों के लिए राहत भरी खबर आई है। छतियाना गांव के पास नया पावर सब स्टेशन बनाने की औपचारिक स्वीकृति मिल गई है। जमीन के सीमांकन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है और निर्माण एजेंसी का चयन भी हो चुका है। यह हरनौत प्रखंड का छठा पावर सब स्टेशन होगा, जिससे प्रखंड के पूर्वी भाग के ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति में आने वाली दिक्कतें दूर होंगी। 20 एमवीए क्षमता का होगा नया पीएसएस छतियाना में बनने वाले इस पावर सब स्टेशन की कुल क्षमता 20 एमवीए होगी। इसमें 10-10 एमवीए के दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 10 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। चिह्नित जमीन का सीमांकन कराने के बाद निर्माण कार्य तेजी से शुरू कराया जाएगा। चेरन पीएसएस पर बोझ होगा कम फिलहाल हरनौत प्रखंड के पूर्वी भाग के गांवों को चेरन स्थित पावर सब स्टेशन से बिजली की आपूर्ति की जाती है। गर्मी के मौसम में जब बिजली की मांग बढ़ जाती है, तो निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने में काफी समस्या आती है। छतियाना में नया पीएसएस बनने से न केवल पूर्वी भाग के गांवों को सीधे बिजली मिलेगी, बल्कि चेरन पीएसएस पर पड़ने वाला अतिरिक्त लोड भी कम हो जाएगा। इससे दोनों क्षेत्रों में बिजली की गुणवत्ता में सुधार आएगा। वर्तमान में हरनौत प्रखंड क्षेत्र में हरनौत, कल्याण बिगहा, चैनपुर, तेलमर और चेरन में पावर सब स्टेशन मौजूद हैं। इसके अलावा चेरन में एक पावर ग्रिड सब स्टेशन भी संचालित है। देकपुरा, सोसंदी और रतनपुरा में भी काम जारी ग्रामीण इलाकों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में और भी सकारात्मक पहल हो रही हैं। रहुई प्रखंड के देकपुरा, सोसंदी और नूरसराय प्रखंड के रतनपुरा में नए पावर सब स्टेशनों का निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार, अगर सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो मई-जून तक इन तीनों पीएसएस से बिजली की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इससे नूरसराय और रहुई इलाके में बिजली संकट काफी हद तक दूर हो जाएगा। रिंग सिस्टम से जुड़ेंगे नए पीएसएस बिजली आपूर्ति को और अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए नए पावर सब स्टेशनों को रिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इस व्यवस्था में प्रत्येक पीएसएस को दो अलग-अलग स्रोतों से बिजली मिल सकेगी। यदि किसी एक स्रोत में खराबी आती है तो दूसरे स्रोत से बिजली की आपूर्ति जारी रहेगी। इसी क्रम में नालंदा ग्रिड से करण बिगहा पीएसएस को रिंग सिस्टम से जोड़ने के लिए 18 किलोमीटर सर्किट लाइन बिछाने का काम अंतिम चरण में है। वहीं, धमौली से नूरसराय पीएसएस को नई लाइन से जोड़ने का काम लगभग पूरा हो चुका है। सिर्फ ब्रेकर लगाना बाकी है। इसके बाद नूरसराय को धमौली के साथ-साथ बिहारशरीफ बड़ी पहाड़ी ग्रिड से भी बिजली मिलने लगेगी। थरथरी के करियावां में भी प्रस्ताव भेजा गया बिजली आपूर्ति सुधार की यह मुहिम यहीं नहीं रुकी है। थरथरी प्रखंड के करियावां में भी नया पीएसएस बनाने की पहल की जा रही है। इसके लिए संबंधित प्रस्ताव मुख्यालय को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। वर्तमान में थरथरी प्रखंड में सिर्फ एक पीएसएस है, जिससे पूरे प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति की जाती है। मांग बढ़ने पर निर्बाध बिजली बहाल रखना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। अधिकारियों ने जताई संतुष्टि बिहारशरीफ ग्रामीण के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रूपक कुमार ने बताया कि छतियाना में पावर सब स्टेशन बनाने की स्वीकृति दे दी गई है। जल्द ही चिह्नित जमीन का सीमांकन कराकर निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास चल रहा है। नए पीएसएस बनेंगे तो हरनौत के पूरबी भाग के ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति बहाल रखने में काफी सहूलियत होगी। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार नालंदा के हरनौत प्रखंड के ग्रामीणों के लिए राहत भरी खबर आई है। छतियाना गांव के पास नया पावर सब स्टेशन बनाने की औपचारिक स्वीकृति मिल गई है। जमीन के सीमांकन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है और निर्माण एजेंसी का चयन भी हो चुका है। यह हरनौत प्रखंड का छठा पावर सब स्टेशन होगा, जिससे प्रखंड के पूर्वी भाग के ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति में आने वाली दिक्कतें दूर होंगी। 20 एमवीए क्षमता का होगा नया पीएसएस छतियाना में बनने वाले इस पावर सब स्टेशन की कुल क्षमता 20 एमवीए होगी। इसमें 10-10 एमवीए के दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 10 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। चिह्नित जमीन का सीमांकन कराने के बाद निर्माण कार्य तेजी से शुरू कराया जाएगा। चेरन पीएसएस पर बोझ होगा कम फिलहाल हरनौत प्रखंड के पूर्वी भाग के गांवों को चेरन स्थित पावर सब स्टेशन से बिजली की आपूर्ति की जाती है। गर्मी के मौसम में जब बिजली की मांग बढ़ जाती है, तो निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने में काफी समस्या आती है। छतियाना में नया पीएसएस बनने से न केवल पूर्वी भाग के गांवों को सीधे बिजली मिलेगी, बल्कि चेरन पीएसएस पर पड़ने वाला अतिरिक्त लोड भी कम हो जाएगा। इससे दोनों क्षेत्रों में बिजली की गुणवत्ता में सुधार आएगा। वर्तमान में हरनौत प्रखंड क्षेत्र में हरनौत, कल्याण बिगहा, चैनपुर, तेलमर और चेरन में पावर सब स्टेशन मौजूद हैं। इसके अलावा चेरन में एक पावर ग्रिड सब स्टेशन भी संचालित है। देकपुरा, सोसंदी और रतनपुरा में भी काम जारी ग्रामीण इलाकों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में और भी सकारात्मक पहल हो रही हैं। रहुई प्रखंड के देकपुरा, सोसंदी और नूरसराय प्रखंड के रतनपुरा में नए पावर सब स्टेशनों का निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार, अगर सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो मई-जून तक इन तीनों पीएसएस से बिजली की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इससे नूरसराय और रहुई इलाके में बिजली संकट काफी हद तक दूर हो जाएगा। रिंग सिस्टम से जुड़ेंगे नए पीएसएस बिजली आपूर्ति को और अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए नए पावर सब स्टेशनों को रिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इस व्यवस्था में प्रत्येक पीएसएस को दो अलग-अलग स्रोतों से बिजली मिल सकेगी। यदि किसी एक स्रोत में खराबी आती है तो दूसरे स्रोत से बिजली की आपूर्ति जारी रहेगी। इसी क्रम में नालंदा ग्रिड से करण बिगहा पीएसएस को रिंग सिस्टम से जोड़ने के लिए 18 किलोमीटर सर्किट लाइन बिछाने का काम अंतिम चरण में है। वहीं, धमौली से नूरसराय पीएसएस को नई लाइन से जोड़ने का काम लगभग पूरा हो चुका है। सिर्फ ब्रेकर लगाना बाकी है। इसके बाद नूरसराय को धमौली के साथ-साथ बिहारशरीफ बड़ी पहाड़ी ग्रिड से भी बिजली मिलने लगेगी। थरथरी के करियावां में भी प्रस्ताव भेजा गया बिजली आपूर्ति सुधार की यह मुहिम यहीं नहीं रुकी है। थरथरी प्रखंड के करियावां में भी नया पीएसएस बनाने की पहल की जा रही है। इसके लिए संबंधित प्रस्ताव मुख्यालय को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। वर्तमान में थरथरी प्रखंड में सिर्फ एक पीएसएस है, जिससे पूरे प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति की जाती है। मांग बढ़ने पर निर्बाध बिजली बहाल रखना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। अधिकारियों ने जताई संतुष्टि बिहारशरीफ ग्रामीण के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रूपक कुमार ने बताया कि छतियाना में पावर सब स्टेशन बनाने की स्वीकृति दे दी गई है। जल्द ही चिह्नित जमीन का सीमांकन कराकर निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास चल रहा है। नए पीएसएस बनेंगे तो हरनौत के पूरबी भाग के ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति बहाल रखने में काफी सहूलियत होगी।


